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कई कारण हो सकते हैं चक्कर आने और सिर घूमने के: एक्सपर्ट

नई दिल्ली । कभी अचानक खड़े होने पर सिर हल्का महसूस होना, तो कभी ऐसा लगना जैसे शरीर अपना संतुलन खो रहा है, ये आम शिकायतें हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, ये दो अलग-अलग शारीरिक स्थितियों के संकेत हो सकते हैं डिजीनेस और वर्टिगो। ये दोनों ही स्थितियाँ असंतुलन या सिर हल्का होने का एहसास कराती हैं, इनके मूल कारण और अनुभव में महत्वपूर्ण अंतर होता है जिन्हें समझना सही उपचार के लिए बेहद आवश्यक है। डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, डिजीनेस, जिसे हिंदी में सामान्य चक्कर आना या सिर का हल्कापन कहा जा सकता है, एक व्यापक शब्द है जो हल्के सिर का अनुभव, कमजोरी या असंतुलन की भावना को दर्शाता है। इसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस हो सकता है जैसे वह कभी भी गिर सकता है या उसे स्थिर खड़े होने में परेशानी हो रही है, लेकिन इसमें आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस नहीं होतीं। इस प्रकार के चक्कर के पीछे कई सामान्य कारण हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन इसका एक प्रमुख कारण है, जब शरीर में पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं होते, तो रक्तचाप गिर सकता है और मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त प्रवाह नहीं पहुंच पाता, जिससे सिर हल्का महसूस होने लगता है। 

इसी तरह, रक्त शर्करा का स्तर अचानक कम हो जाना, खासकर उन लोगों में जो लंबे समय तक भूखे रहते हैं या मधुमेह के रोगी हैं, भी डिजीनेस का कारण बन सकता है। इसके अलावा, अचानक बैठने या लेटने की स्थिति से तेजी से खड़े होने पर रक्तचाप में गिरावट (जिसे पोस्टुरल हाइपोटेंशन कहते हैं) भी चक्कर का एक आम कारण है। शरीर में खून की कमी (एनीमिया) होने पर मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे कमजोरी और चक्कर महसूस हो सकते हैं। अत्यधिक मानसिक तनाव, चिंता और कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव भी डिजीनेस को बढ़ा सकते हैं। इसके विपरीत, वर्टिगो एक अधिक विशिष्ट और तीव्र प्रकार का चक्कर है। वर्टिगो में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे वह खुद घूम रहा है या उसके आसपास की पूरी दुनिया घूम रही है, जबकि वास्तव में सब कुछ स्थिर होता है। यह एक भ्रामक और अस्थिर करने वाला अनुभव होता है जो शरीर के संतुलन प्रणाली में गड़बड़ी के कारण होता है। वर्टिगो का सबसे आम कारण आंतरिक कान (इनर ईयर) में मौजूद संतुलन प्रणाली से संबंधित होता है। 

आंतरिक कान में छोटे-छोटे कण होते हैं जो सिर की गति के साथ अपनी जगह बदल सकते हैं, जिससे मस्तिष्क को गलत संकेत मिलते हैं। इस स्थिति को बेनाइन पैरॉक्सिस्मल पोजीशनल वर्टिगो (बीपीपीवी) के नाम से जाना जाता है, जिसमें सिर की हल्की सी हलचल से भी अचानक और तेज चक्कर आने लगते हैं। आंतरिक कान का संक्रमण (जैसे लैबिरिंथाइटिस) या मेनियर रोग जैसी अंदरूनी कान की अन्य बीमारियां भी वर्टिगो का कारण बन सकती हैं। डॉक्टरों का सुझाव है कि यदि चक्कर आने की समस्या हल्की है, तो कुछ आसान सावधानियां राहत दे सकती हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, लंबे समय तक खाली पेट न रहना और बैठने या लेटने की स्थिति से धीरे-धीरे खड़े होना महत्वपूर्ण है। चक्कर महसूस होने पर तुरंत बैठ जाना या लेट जाना चाहिए ताकि गिरने और चोट लगने का खतरा कम हो।


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