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महुआ मोइत्रा और मेहदी के दावों से बढ़ा सियासी विवाद

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी बगावत के बीच बहरामपुर से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान एक नए राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर संसद पहुंचे यूसुफ पठान हाल ही में टीएमसी के बागी खेमे के साथ जुड़ गए हैं। उनके इस कदम के बाद पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के बयानों ने मामले को और गर्मा दिया है।

आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संसद के पिछले शीतकालीन सत्र की एक घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान यूसुफ पठान को एक प्रमुख मुस्लिम सांसद ने प्रदर्शन से पीछे हटने की सलाह दी थी। मेहदी के अनुसार, चेतावनी दिए जाने के बाद पठान अपनी सीट पर लौट गए थे और काफी परेशान नजर आ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि यूसुफ पठान ने उन्हें बताया था कि भाजपा के खिलाफ मुखर विरोध करने पर गुजरात में उनके घर पर कार्रवाई होने की आशंका जताई गई थी। मेहदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि यूसुफ पठान को चेतावनी देने वाले नेता एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी थे। महुआ ने कहा कि उस समय उन्होंने यूसुफ पठान का समर्थन किया था और भरोसा दिलाया था कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। हालांकि, बगावत के बाद उन्होंने पठान के प्रति नाराजगी जताते हुए उन पर पार्टी के विश्वास को तोड़ने का आरोप लगाया।

बगावत से गहरा हुआ टीएमसी संकट

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब टीएमसी के बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की घोषणा कर दी। रिपोर्टों के अनुसार, यूसुफ पठान भी उन सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अलग समूह के रूप में मान्यता और बैठने की व्यवस्था की मांग की है।

अभी नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया

महुआ मोइत्रा और रूहुल्लाह मेहदी के दावों के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, यूसुफ पठान और असदुद्दीन ओवैसी की ओर से इन आरोपों और दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं और सभी की नजरें संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।


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