Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

फिटमेंट फैक्टर पर टिकीं कर्मचारियों की निगाहें

लखनऊ। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन की बड़ी राहत मिलने वाली है। इससे पहले वित्त आयोग केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर जमीनी स्तर पर सभी वर्गों से संवाद कर रहा है। लखनऊ के बाद आयोग की अगली बैठकें अगले महीने उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में तय की गई हैं, जिसके तहत 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में तथा 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इससे पहले आयोग दिल्ली, श्रीनगर और लद्दाख जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा कर वहां भी आवश्यक बैठकें संपन्न कर चुका है।

फिलहाल, सभी कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशनों की निगाहें सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई हैं। विभिन्न संगठनों की तरफ से फिटमेंट फैक्टर को अधिक से अधिक रखने की मांग लगातार की जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर को 2.83 से लेकर 3.83 के बीच तय कर सकता है, जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि, फिटमेंट फैक्टर के सटीक आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी राहत और उत्साह की बात यह है कि 8वां वेतन आयोग जब भी पूरी तरह लागू होगा, इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को उनके पे-स्केल और क्लास के हिसाब से एक लंबी अवधि का, अच्छा-खासा एरियर (बकाया राशि) भी मिलेगा। समय पर बैठकों के आयोजन और प्रक्रिया में तेजी को देखते हुए कर्मचारियों में वेतन वृद्धि को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। आयोग अपनी सिफारिशों और ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने के लिए देशव्यापी दौरों और बैठकों का आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 और 23 जून को एक बड़ी और अहम बैठक होने जा रही है। आयोग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दो दिवसीय बैठक में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से जुड़े तमाम पक्षों को शामिल होने और अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। इसी बीच, वेतन आयोग ने साफ कर दिया है कि मेमोरेंडम (ज्ञापन) जमा करने की अंतिम तारीख में अब और कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। आयोग ने पहले इस समयसीमा को 29 मई से बढ़ाकर 15 जून 2026 किया था, जो कि अब बीत चुकी है। ऐसे में समयसीमा को आगे न बढ़ाने के फैसले से स्पष्ट है कि आयोग अब तेजी से अपने काम को आगे बढ़ा रहा है।

Comments (0)

Leave a Comment