Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

पीएम स्टार्मर के इस्तीफे का वैश्विक राजनीति पर होगा असर

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे ने न केवल ब्रिटिश राजनीति में हलचल पैदा की है, बल्कि इसके अंतर्राष्ट्रीय प्रभावों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। लेबर पार्टी के नेता पद और प्रधानमंत्री पद से उनके हटने के बाद ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसका असर वैश्विक कूटनीति, व्यापारिक संबंधों और यूरोपीय राजनीति पर पड़ सकता है। 

इस्तीफा देने के साथ ही 10 डाउनिंग स्ट्रीट से राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी अब उन्हें अगले चुनाव में नेतृत्व के लिए उपयुक्त नहीं मानती। उन्होंने देशहित को सर्वाेपरि बताते हुए पद छोड़ने का निर्णय लिया और नए नेता को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। हाल के महीनों में पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा था। कई सांसदों और नेताओं ने उनकी नीतियों और निर्णयों पर सवाल उठाए थे। स्थानीय चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने और लोकप्रियता में गिरावट ने भी उनके ऊपर दबाव बढ़ाया। यहां बताते चलें कि ब्रिटेन में प्रधानमंत्री का चयन सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता। संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बनता है। इसलिए लेबर पार्टी के नए नेता का चुनाव ही ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री का रास्ता तय करेगा। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति जुलाई में नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी और मध्य जुलाई तक नए नेता के चयन की संभावना जताई जा रही है। 

मेयर बर्नहैम मजबूत दावेदार 

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम को इस समय सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उन्हें पार्टी के विभिन्न गुटों का समर्थन मिलने की चर्चा है। इसके अलावा एंजेला रेनर, यवेट कूपर और वेस स्ट्रीटिंग जैसे नेताओं के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। 

भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंध होंगे प्रभावित 

विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन का असर भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों, यूरोप के साथ ब्रिटेन के रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है। विशेष रूप से ब्रेक्जिट के बाद यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को पुनर्संतुलित करने की प्रक्रिया पर नए नेतृत्व की नीति महत्वपूर्ण साबित होगी। हालांकि विभिन्न विवादों और राजनीतिक दबावों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति या नेता के संबंध में लगाए गए आरोपों अथवा नामों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि के बिना उन्हें तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल स्टार्मर के इस्तीफे को मुख्य रूप से राजनीतिक दबाव, घटती लोकप्रियता और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में ब्रिटेन में नए नेतृत्व का चुनाव अब केवल घरेलू राजनीति का विषय नहीं रह गया है, बल्कि इसकी दिशा आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और आर्थिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है।


Comments (0)

Leave a Comment