Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर के बाद सियासत शुरु

अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने गुरुवार को आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि, इस घटनाक्रम ने एक सियासी मोड़ ले लिया है, जब आम आदमी पार्टी (आप) ने इस कार्रवाई को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अयोध्या पहुंचने का असर बताया। 

दरअसल, जिस दिन यह एफआईआर दर्ज हुई, उसी दिन आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी अयोध्या पहुंचे थे और उन्होंने अगले दिन राम मंदिर में दर्शन की घोषणा की थी। इसी संयोग को भुनाते हुए पार्टी नेताओं ने इस कार्रवाई को केजरीवाल के प्रभाव से जोड़ दिया। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर लिखा, केजरीवाल का असर। जिस दिन केजरीवाल अयोध्या पहुंचे, बीजेपी सरकार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी में एफआईआर दर्ज की। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राम मंदिर में लूट की जानकारी होने के बाद भी ईडी पार्टी एफआईआर दर्ज करने और जांच से आनाकानी कर रही थी। सरकार बिना किसी कानूनी आधार के दिखावटी एसआईटी बना रही थी, जो सिर्फ मीडिया में दिखावा करने जैसा था। अरविंद केजरीवाल के करीबी और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर मुखर होकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हनुमान भक्त अरविंद केजरीवाल के रामनगरी अयोध्या पहुंचते ही चंदा चोरों की लंका में भगदड़ मच गई। सिसोदिया ने तंज कसते हुए कहा, अयोध्यापुरी में चढ़ावा चोरों ने अपनी ही सोने की लंका खड़ी कर रखी थी। लेकिन जैसे ही हनुमान भक्त अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे, चंदा चोरों की लंका हिलने लगी। जो सरकार अब तक सिर्फ एसआईटी- एसआईटी खेलकर एफआईआर तक नहीं दर्ज कर रही थी उसे आनन-फानन में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। अभी तो रावण की सेना के चंद सिपाहियों के नाम आए हैं, हनुमान जी का ऐसा प्रकोप बरसेगा कि रावण के दसों चहरे भी सामने आएंगे। इस मामले में जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला और करुणेश पांडेय शामिल हैं। 

महत्वपूर्ण बात यह है कि एफआईआर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव का नाम शामिल नहीं किया गया है। यह एफआईआर विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच में सामने आए आरोपियों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को ट्रस्ट की अपील पर एसआईटी का गठन किया था, जिसने 15 जून को जांच शुरू की और मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी थी। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का यह प्रकरण लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

Comments (0)

Leave a Comment