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शी जिनपिंग और बांग्लादेश के प्रतिनिधि की भारत यात्रा पर संशय

नई दिल्ली। आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, जिसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है और जो 12-13 सितंबर को होने वाला है, की तैयारियां अपने चरम पर हैं। हालांकि, इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कुछ प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। विशेष रूप से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और बांग्लादेश के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि की भारत यात्रा पर अटकलें लगाई जा रही हैं।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इन दोनों नेताओं के दौरे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा की संभावनाओं ने पिछले कुछ दिनों में काफी जोर पकड़ा है। ऐसी खबरें हैं कि वह ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं, और उनके साथ लगभग 400 अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह 2019 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। हालांकि, चीन की ओर से उनके दौरे की कोई औपचारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है, यही कारण है कि सम्मेलन से कुछ ही सप्ताह पहले भी उनकी यात्रा को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निश्चितता नहीं है। रिपोर्टों में यात्रा की तैयारियों के संकेत जरूर मिल रहे हैं, लेकिन अंतिम कार्यक्रम और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। गौरतलब है कि शी जिनपिंग ने पिछले साल हुए ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था, हालांकि वे अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रहे हैं। इसी क्रम में, वह अगले सप्ताह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे से ठीक पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का बीजिंग दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 25 अगस्त को डोभाल और चीन के विदेश मंत्री तथा भारत-चीन सीमा वार्ता के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के बीच 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता हुई। जानकारी के अनुसार, बातचीत का मुख्य विषय भारत-चीन सीमा प्रश्न और दोनों देशों के बीच संबंधों से जुड़े मुद्दे रहे। यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से भारत और चीन के रिश्ते लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे हैं। सीमा पर सैनिकों की तैनाती और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़े विवादों के बीच दोनों देशों ने हाल के वर्षों में तनाव कम करने की कोशिशें की हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश की ओर से आमंत्रित नेता की उपस्थिति का मामला अधिक अनिश्चित है। भारत ने उन्हें ब्रिक्स के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। यह निमंत्रण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय बांग्लादेश बिम्सटेक का अध्यक्ष है। भारत ने स्पष्ट किया है कि ब्रिक्स की आउटरीच बैठक के लिए क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को आमंत्रित करने की परंपरा के तहत उन्हें बुलाया गया है। 


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