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उप्र में शिक्षकों की भर्ती होगी और व्यवस्थाओं में होगा सुधार

लखनऊ। सड़कों पर छात्राओं के बड़े प्रदर्शन का बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रदेश के सभी सर्वाेदय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया है। साथ ही, स्कूलों में भोजन की व्यवस्था में भी सुधार कर दिया गया है। राजधानी के मोहान रोड स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय विद्यालय में प्रशासनिक सख्ती के बाद हालात तेजी से पटरी पर लौटने लगे हैं। मंगलवार को कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हुईं और अधिकारियों के निरीक्षण के बाद खाने की गुणवत्ता में भी साफ सुधार देखा गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्या के साथ बैठक की और छात्राओं की सभी समस्याओं का समाधान तलाशना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिक्षिकाओं की कमी को अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरी तरह दूर कर दिया जाएगा।

विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब प्रदेश के करीब सौ सर्वाेदय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए लगभग पांच सौ अंशकालिक शिक्षकों को तैनात किया गया था। इन शिक्षकों ने पिछले सत्र में अपनी सेवाएं दी थीं, लेकिन जून के महीने में विभाग ने नए सिरे से शिक्षकों को रखने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ पिछले सत्र में पढ़ाने वाले शिक्षक माननीय उच्च न्यायालय चले गए थे, जिसके कारण नई नियुक्तियों की प्रक्रिया अटक गई थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उच्च स्तर पर हुई लंबी वार्ता के बाद अब स्कूलों के प्रधानाचार्यों को यह मौखिक आदेश दिए गए हैं कि जब तक कोई नई नीति या स्थायी व्यवस्था तय नहीं हो जाती, तब तक जून से पहले तैनात रहे सभी शिक्षकों को तुरंत ज्वाइन करा लिया जाए। इस संबंध में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने भी स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेश के बाद सभी शिक्षकों को दोबारा रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और विद्यालयों की अन्य व्यवस्थाओं को भी और अधिक बेहतर बनाया जाएगा।

छात्राओं ने बाउंड्री फांदकर किया प्रदर्शन

गौरतलब है कि विद्यालय में करीब चार सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए केवल अठारह शिक्षक ही तैनात थे। इनमें से भी चार शिक्षक केवल हिंदी के थे, जबकि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के एक भी शिक्षक विद्यालय में मौजूद नहीं थे। छह महीने बाद ही बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में शिक्षकों के अभाव में छात्राओं की पढ़ाई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया था। इसी बदहाली और खराब खाने से परेशान होकर सोमवार सुबह छात्राएं स्कूल की बाउंड्री फांदकर सड़क पर उतर आई थीं। 

मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच

बारिश के बीच तीन किलोमीटर पैदल चलकर छात्राओं ने दुबग्गा स्थित कानपुर बाइपास पर जाम लगा दिया था और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया था। मौके पर पहुंचे प्रमुख सचिव अनुराग यादव को छात्राओं ने अपनी सारी समस्याएं बताई थीं, जिनके आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था। इसके अलावा, डीएम विशाख जी ने मंगलवार को हुई बैठक में नगर निगम के अधिकारियों को स्कूल की अप्रोच सड़क को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि छात्राओं को जलभराव और कीचड़ से राहत मिल सके।


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