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वित्या ने एशियाई खेलों में दो पदक जीतकर उषा का रिकॉर्ड तोड़ा

आईची । भारत की वित्या रामराज ने जापान में जारी एशियाई खेलों 2026 में दो पदक जीतकर दिग्गज धाविका पी टी उषा का रिकार्ड तोड़ दिया। तमिलनाडु के कोयंबटूर की इस एथलीट ने न केवल दो प्रतिष्ठित पदक अपने नाम किए, बल्कि महान एथलीट उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया। कड़ी मेहनत और अटूट लगन से ये सफललता हासिल कर वित्या ने युवाओं के लिए उदाहरण पेश किया है। वित्या ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में, संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम ने 54.31 सेकंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीत जबकि कजाकिस्तान की एडेलिना जेम्स ने 54.58 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ ही रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले, वित्या एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा की टीम का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, जहाँ भारतीय टीम ने रजत पदक जीता।

वित्या के लिए 400 मीटर बाधा दौड़ का कांस्य पदक विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दौड़ में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन 54.75 सेकंड का समय निकालकर ये हासिल किया था। इससे वह 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में उषा द्वारा बनाए गए 55.42 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड से आगे निकल गयी हैं। ट्रक ड्राइवर पिता की बेटी वित्या के लिए यह सफलता रातों-रात नहीं आई है, बल्कि यह वर्षों के संघर्ष और त्याग का परिणाम है। उनके और उनके परिवार ने बचपन में अनगिनत आर्थिक कठिनाइयों और अभावों का सामना किया। परिवार में हमेशा सुख-सुविधाओं की कमी रही, लेकिन वित्या और उनकी जुड़वा बहन नित्या, जो खुद भी एक प्रसिद्ध एथलीट हैं, ने कभी हार नहीं मानी।


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