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युवाओं में आत्महत्या (सुसाइड) और जीवन से पलायन करने की बढ़ती प्रवृत्ति आज एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य मुद्दा बन चुकी है। आधुनिक जीवनशैली, अत्यधिक दबाव और सामाजिक बदलावों ने युवाओं को एक ऐसे चौराहे पर खड़ा कर दिया है जहाँ वे कई बार दिशाहीन और असहाय महसूस करने लगते हैं।विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वैश्विक डेटा के अनुसार, पूरी दुनिया में हर साल लगभग 7,20,000 से अधिक लोग आत्महत्या से अपनी जान गंवाते हैं।
अब आपको अक्टूबर माह के अंतिम दिन अख़बार की सुरखी बने सुसाइड मामलों की बानगी से अवगत कराते हैं ताकि आप आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को समझें पुणे से एक खौफनाक धटना सामने आई 30 अक्टूबर को एक महिला ने अपने 6 साल के बेटे के साथ 18वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी. यह घटना एक हाई-प्रोफाइल सोसायटी में फुटेज में महिला अपने बेटे के साथ 18वीं मंजिल पर जाती दिखाई दे रही है पुलिस आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच कर रही है.मामला पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ शहर के थेरगांव वाकड इलाके में सिग्नेचर पार्क नाम की एक हाई-प्रोफाइल सोसायटी का है, यहां 33 साल की एकता भांगड ने अपने 6 साल के बेटे माधव भांगड के साथ इमारत की 18वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. जानकारी के मुताबिक, एकता भांगड अपने पति मनोज भांगड और बेटे माधव के साथ पिछले कुछ सालों से इस सोसायटी में रह रही थी जानकारी मिलते ही वाकड पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पंचनामा भरकर आगे की जांच शुरू की. मृतक महिला का परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है. वे पिछले दो सालों से इस सोसायटी की सातवीं मंजिल पर रह रहे थे. मृतक महिला का पति मनोज भांगड यरवदा स्थित एक आईटी कंपनी में काम करता है।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. यहां दो सगी बहनों ने अलग-अलग जगहों पर अपने बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी. पहली घटना में पति की मौत के सदमे से गुजर रही 8 महीने की गर्भवती महिला ने अपने बेटे के साथ जान दी, जबकि कुछ घंटे बाद उसकी बड़ी बहन ने भी अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगा दी. इन घटनाओं में दो बहनों और चार मासूम बच्चों समेत कुल 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि गर्भ में पल रहे शिशु की भी जान चली गई।
इसी तरह राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त एक हादसे में पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की छठी मंजिल से एक छात्रा कूद गई है. छात्रा के कूदने से यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद यूनिवर्सिटी को फिलहाल बंद कर दिया है. पूर्णिमा यूनिवर्सिटी से छात्रा से कूदने का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में छात्रा छत की छठी मंजिल पर बिल्कुल किनारे बैठी नजर आ रही है.पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की छठी मंजिल से कूदने वाली छात्रा की पहचान यशस्वी रोहिला के रूप में हुई है. एमबीए सेकंड ईयर की स्टूडेंट है. बताया जाता है कि यशस्वी जयपुर के गुर्जर की थड़ी इलाके के प्रेम नगर की रहने वाली है. शिवदासपुरा थाना की पुलिस मौके पर जांच में जुटी है.
सरकार द्वारा कुछ खास कदम उठाए जा रहे हैं
दूरदराज के क्षेत्रों तक मुफ्त और गोपनीय मानसिक परामर्श पहुँचाने के लिए सरकार ने डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर विस्तार किया हैदेश भर के 1.83 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (प्राथमिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों) में बुनियादी मानसिक स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग सेवाओं को एकीकृत किया गया है।समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैले अंधविश्वास, शर्म और रूढ़िवादिता को खत्म करने के लिए सरकार ने सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं, ताकि लोग समय रहते मदद मांगने के लिए आगे आ सकें। इन व्यापक सरकारी रणनीतियों में केवल स्वास्थ्य मंत्रालय ही नहीं, बल्कि शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल विकास और सूचना एवं प्रसारण जैसे मंत्रालयों को भी एक साथ जोड़ा गया है ताकि युवाओं, किसानों और हर संवेदनशील वर्ग को सुरक्षा घेरा दिया जा सके।
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