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9 मई को होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की संवैधानिक कवायद तेज हो गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को राज्यपाल के पास भेज दिया गया है, जिसके साथ ही राज्य में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है और सत्ता हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अधिसूचना जारी करना एक अनिवार्य संवैधानिक चरण है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया वैधानिक ढांचे के भीतर, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई गई है। अब इस अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधि शपथ ले सकेंगे और नई कैबिनेट के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

इस प्रशासनिक हलचल के बीच सभी की निगाहें शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाना तय है। इस तारीख का चयन विशेष रूप से किया गया है, क्योंकि 9 मई को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने भी इस तिथि की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि शपथ ग्रहण समारोह टैगोर जयंती के शुभ अवसर पर ही होगा। यह दिन बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए इन चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है। राज्य की कुल सीटों में से भाजपा ने 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से बाहर कर दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी महज 80 सीटों पर सिमट गई है। हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने मतगणना में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, राज्यपाल के पास अधिसूचना पहुंचने के बाद अब राजभवन में समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां भाजपा बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाकर एक नया राजनीतिक इतिहास रचने जा रही है।

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