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अच्छी तरह परख लीजिए आपकी महबूबा किसी की बाबू तो नहीं?

पुणे के लोहगढ़ में ट्रेकिंग पथ पर केतन अग्रवाल के मर्डर ने समूचे समाज को समाज में पल रहे लव अफेयर्स और उनके घातक परिणामों के प्रति चेताया है कि शादी के लिए वधू का चयन करने से पहले जांच लीजिए आपकी होने वाली महबूबा के जीवन में कोई दूसरा तो नही है अच्छी तरह परख लीजिए कि वह किसी की बाबू तो नहीं है? दरअसल समाज में जैसे जैसे लड़कियों के स्वछंद उन्मुक्त जीवन का चलन बढ़ा है लव अफेयर्स डेटिंग और ब्रेकअप का सिलसिला भी चल रहा है लेकिन अभिभावक अभी भी पुराने परम्परागत चलन से लडके लड़कियों का वर वधू के लिए चयन कर रहे हैं कई बार माता पिता परिवार के दबाव में आकर लड़किया अपने प्रेमी के इतर विवाह के लिए राजी हो जातीं हैं तो की बार प्रेमी के साथ साजिश कर विवाह से पहले या बाद में मंगेतर या पति को मौत के मुंह में धकेल रहीं हैं। दरअसल इंदौर की सोनम मेरठ की मुस्कान और अब पुणे की सिया ये बदलते दौर और बदलते चरित्र के किरदार हैं जिस समाज में लडकियों को मासूम अबला नादान समझा जा रहा है और कानून भी जिन्हें संरक्षण देता रहा है उस समाज में मासूम चेहरे के पीछे छिपी कुटिलता अपराध करने की मानसिकता और समाज लोकलाज पुलिस कानून का तनिक भी भय नहीं होना बदलते परिवेश को बयान कर रहा है ऐसे में जरूरी  है कि युवाओं को अपने जीवन साथी का चयन बहुत सोच समझकर और उसके आचरण पिछले जीवन और संबन्धों की पड़ताल करने के बाद किया जाए। केतन अग्रवाल के परिवार ने एक बारहवीं फेल स्वछंद आचरण वाली लड़की की बिना जरूरी पड़ताल किए सिर्फ सिया के परिवार की बात पर भरोसा किया इस का भुगतान एक मासूम होनहार शिक्षित बिजनेस मैन युवा को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा यदि केतन या उसका परिवार जरा सा भी सजग होता तो सिया की हरकतों से पहले ही वाकिफ हो जाता और सतर्कता अपना लेता या यह रिश्ता ही नहीं बनता।  

बहन के शक ने खोला राज वरना पुलिस खा गयी थी गच्चा 

अंतिम संस्कार के बाद का मोड़ ऐसा मोड़ आया कि कहानी ही पलट गयी। केतन की मौत को शुरुआत में एक हादसा (लोहागढ़ किले की खाई में गिरना) माना जा रहा था. पुलिस ने भी सिया की बुनी कहानी पर सहज भरोसा कर लिया था केतन का परिवार भी बेचारी कह कर उलटा सिया ऐ फर्जी आंसू पौंछ रहा था लेकिन मौत के 4 दिन बाद जब सिया केतन के घर पहुंची, तो केतन की बहन ने उससे उस दिन की घटना के बारे में पूछा.सबसे पहली बार उसे सिया के चेहरे के भाव और बयान में विरोधाभास नजर आया उसने परिवार और पुलिस को चेताया।  आपको बता दें कि पुणे के हालिया हत्याकांड मामले में पुलिस जांच के दौरान कई गंभीर खुलासे हुए हैं। इस मामले में मुख्य आरोपियों द्वारा की गई लंबी प्लानिंग ने सुरक्षा विशेषज्ञों और जांच अधिकारियों को हैरान कर दिया है।डिजिटल सबूतों से मिली मदद पुलिस जांच के अनुसार, घटना से पहले के छह महीनों में डिजिटल संचार रिकार्ड से चौंकानेवाला खुलासा हुआ कि सिया चेतन चौधरी के साथ संबन्धों में थी। 

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य घटना से पहले भी पीड़ित पर हमला करने का प्रयास किया गया था। लोहगढ़ किले के पास हुई एक पिछली घटना के दौरान पीड़ित की जान बाल-बाल बची थी, जिसे उस समय एक दुर्घटना के रूप में पेश किया गया था। आपको बता दें कि साजिश के मामले में सिया और चेतन इंदौर के राजा रघुवंशी हत्या कांड की सोनम से भी आगे निकले। पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. 26 साल के बिजनेसमैन और रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक सामान्य ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की तफ्तीश में जो सच सामने आया है, उसने सबके होश उड़ा दिए हैं. केतन की मंगेतर सिया गोयल (20 साल) ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22 साल) के साथ मिलकर इस खौफनाक मर्डर को अंजाम दिया। 

6 महीने में 2004 कॉल्स और कैफे में बना डेथ प्लान

238 घंटे की प्लानिंगर- पुलिस जांच में सामने आया कि 1 जनवरी से जून के बीच सिया और चेतन के बीच 2004 बार फोन पर बातचीत हुई थी. दोनों ने कुल 238 घंटे तक फोन पर सिर्फ केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची. कैफे में आखिरी मुलाकातरू वारदात वाले दिन (18 जून) सुबह सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले थे. यहीं पर उन्होंने लोहागढ़ किले की उस जगह को चुना, जहां से केतन को आसानी से खाई में धकेला जा सके.

 मर्डर के लिए बाली ट्रिप रुकवाई, वाशरूम में फाड़ा पासपोर्ट!

जांच में एक बेहद हैरान करने वाला खुलासा हुआ कि केतन का परिवार शादी से पहले बाली  घूमने जाने वाला था. सिया अच्छी तरह जानती थी कि विदेश में हत्या को हादसा साबित करना मुश्किल होगा. इसलिए मुंबई एयरपोर्ट जाते वक्त रास्ते में लोनावला के पास उसने चुपके से केतन का पासपोर्ट गाड़ी से निकाला, वाशरूम में जाकर उसे फाड़ा और कमोड में फ्लश कर दिया. पासपोर्ट गायब होने के कारण पूरा टूर कैंसिल करना पड़ा और केतन भारत में ही रुक गया.

 लोहागढ़ किलार- पहली नाकाम कोशिश और सांप का नाटक

केतन को ऊंचाई से डर लगता था, लेकिन सिया उसे जिद करके 3300 फीट ऊंचे लोहागढ़ किले पर ले गई.14 जून को भी उसने केतन को धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन केतन एक झाड़ी से लटक गया. तब सिया ने सांप आ गया, सांप आ गया का झूठा नाटक किया और उसे गले लगाकर जता दिया कि वह उसे बचा रही थी.  तपती गर्मी में हुडी और सीसीटीवी का वो सुराग जिसने सारी कली खोल दी। 18 जून को जब सिया केतन को दोबारा किले पर ले गई, तब उसका बॉयफ्रेंड चेतन भी चोरी-छिपे उनका पीछा कर रहा था. जून की 33 डिग्री तपती गर्मी में चेतन हुडी और शॉर्ट्स पहनकर घूम रहा था. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में इस गर्मी में हुडी पहनना अजीब लगा. जब उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगाली गई, तो उसका सिया से कनेक्शन साफ हो गया.

 मगरमच्छ के आंसू-  हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट

केतन की जान लेने के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक वीडियो और पोस्ट शेयर की. उसने लिखा तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़कर चले गए... हमारी शादी होने वाली थी... मेरे दिल को पता है तू यहीं है, वापस आ जा. शुरुआत में लोग इसे एक दुखी मंगेतर का विलाप समझ रहे थे, लेकिन यह पुलिस को गुमराह करने की एक सोची-समझी चाल थी.

बहन के शक ने ऐसे उतारा मासूमियत का नकाब

केतन के अंतिम संस्कार के 4 दिन बाद जब सिया उनके घर पहुंची, तो केतन की बहन संजना ने उससे उस दिन की घटनाओं को लेकर कुछ सवाल पूछे.

सिया के बयानों में भारी विरोधाभास था और वह घबरा रही थी. बहन के इसी शक के बाद पुलिस हरकत में आई और टेक्निकल एनालिसिस से पूरा राजफाश हो गया। 

कोर्ट का फैसला और परिवार की मांग

पुलिस पूछताछ में सिया और चेतन ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. वडगांव कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

केतन के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका कहना है कि 25 नवंबर को दोनों की करोड़ों की डेस्टिनेशन वेडिंग होने वाली थी. अगर सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो मना कर देती, इस तरह किसी की जान लेने का हक उसे किसने दिया? पीड़ित परिवार ने हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.

यकीनन अब किसी को जीवन साथी बनाने से पहले उसके पार्श्व की भली तरह पड़ताल कर लें कहीं जरा सी चूक परिवार और जीवन के लिए भारी न पड़ जाए। 

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