Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles
Advertisement
Advertisement Banner

भारत-चीन संबंध अब बेहतर

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में कहा कि चीन के साथ भारत के संबंध सीमा पर बेहतर हुए हैं। हालांकि दोनों देशों के रिश्ते कितने सामान्य हो पाएंगे, यह आगे भी सीमा पर हालात पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि भारत-चीन संबंध 2025 के मुकाबले अब बेहतर हैं और 2024 की तुलना में इनमें और ज्यादा सुधार आया है। उन्होंने कहा कि इस सुधार को दोनों देशों के रिश्तों में किसी बुनियादी बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने कहा कि 2020 की घटनाओं और उसके बाद लंबे समय तक चले सीमा विवाद की वजह से दोनों देशों के बीच सामान्य संपर्क प्रभावित हुआ था। व्यापार जारी रहा, लेकिन सरकारी स्तर पर बातचीत और अधिकारियों की आवाजाही, वीजा और उड़ानों पर असर पड़ा। जैसे-जैसे सीमा पर तनाव कम हुआ, इनमें से कुछ संपर्क फिर से शुरू होने लगे। उन्होंने कहा कि इसे रिश्तों के स्थिर होने का स्वाभाविक नतीजा माना जाना चाहिए, न कि इस बात का सबूत कि दोनों देशों के बीच मौजूदा समस्याएं खत्म हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत कई सालों से यह बात कहता आया है कि रिश्तों में लंबे समय तक तनाव बने रहना दोनों देशों के हित में नहीं है।

जयशंकर ने कहा कि हमारे रिश्तों में गिरावट वास्तव में हम दोनों में से किसी के लिए फायदेमंद नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति का फायदा तीसरे पक्ष उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सोच यह है कि ऐसे विवाद में लंबे समय तक फंसे रहने से बचना चाहिए, जिसका फायदा किसी और को हो। उन्होंने कहा कि चीन के साथ रिश्तों में सुधार होने से भारत की स्थिति न सिर्फ चीन के साथ बातचीत में बल्कि दुनिया के दूसरे देशों के साथ उसके रिश्तों में भी मजबूत होती है। 

जयशंकर ने एक बार फिर सीमा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए सबसे अहम मुद्दा बताया।

उन्होंने कहा कि सीमा की स्थिति ही रिश्तों की स्थिति तय करती है। ऐसा नहीं हो सकता कि सीमा पर तनाव हो, या उससे भी खराब हालात हों, और साथ ही आप कहें कि रिश्ते सामान्य रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सीमा पर हालात सामान्य होंगे, वैसे-वैसे दोनों देशों के बाकी रिश्ते भी सामान्य हो सकते हैं। जयशंकर से भारत और चीन के बीच बढ़ती उड़ानों और सरकारी स्तर पर संपर्क को लेकर कहा पहले बंद हुए संपर्कों के दोबारा शुरू होने और दोनों देशों के रिश्तों में किसी बड़े और गहरे बदलाव के बीच फर्क बताया। उन्होंने कहा कि सीमा पर तनाव कम होने के बाद बंद पड़े संपर्क फिर शुरू हो सकते हैं, लेकिन रिश्तों में लंबे समय तक टिकने वाले बड़े बदलाव के लिए ज्यादा मजबूत आधार की जरूरत होगी। 


Comments (0)

Leave a Comment