Shopping cart
Your cart empty!
Terms of use dolor sit amet consectetur, adipisicing elit. Recusandae provident ullam aperiam quo ad non corrupti sit vel quam repellat ipsa quod sed, repellendus adipisci, ducimus ea modi odio assumenda.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Sit amet consectetur adipisicing elit. Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Do you agree to our terms? Sign up
नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रणनीतिक जलमार्ग के पास एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हो गई है। इस गंभीर घटना के बाद भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।इस मामले में अमेरिका ने सफाई देते हुए कहा है कि हमने 60 बार चेतावनी दी थी,लेकिन उसकी अनदेखी की गई। भारत सरकार ने इस कार्रवाई पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय में तलब किया और घटना को लेकर अपनी तीव्र नाराजगी जाहिर करते हुए आधिकारिक डिमार्श जारी किया है।
इसके साथ ही, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सीधे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रुबियो से फोन पर बात की और इस पूरी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से अनुचित और अस्वीकार्य बताया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस तरह का घातक हमला किसी भी परिस्थिति में न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने स्पष्ट किया है कि निर्दाेष अंतरराष्ट्रीय क्रू मेंबर्स की जान जोखिम में डालना बेहद गैर-जिम्मेदाराना कदम है।दूसरी ओर, इस विनाशकारी हमले के बाद चौतरफा घिरे अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफाई पेश करनी शुरू कर दी है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों और सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारियों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इस संदिग्ध जहाज पर कार्रवाई करने से पहले अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत आवश्यक सभी प्रक्रियाओं का पालन किया था। अधिकारियों का दावा है कि पलाऊ के झंडे वाले इस शेडो फ्लीट टैंकर पर मिसाइल दागने से ठीक पहले और पिछले दो हफ्तों के दौरान अमेरिकी नौसेना द्वारा कुल 60 से अधिक मौखिक चेतावनियां जारी की गई थीं। अमेरिकी सेना इस संदिग्ध जहाज की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी और 9 जून की रात को अमेरिकी सैन्य विमानों ने इसे पूरी तरह से अपने निशाने पर ले लिया था। अमेरिका का कहना है कि यह जहाज वास्तव में ईरान के उस शेडो फ्लीट का हिस्सा था, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देकर अवैध रूप से ईरानी कच्चे तेल की तस्करी में लिप्त था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि नाकेबंदी लागू हुए 60 से अधिक दिन बीत चुके थे और सभी संबंधित पक्षों को इसकी सख्त अनुपालना के बारे में पूरी जानकारी थी। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में जहाज को सामान्य रूप से रोकने के लिए कई चेतावनियां दी गईं और अमेरिकी विमानों ने हवाई क्षेत्र में कुछ वार्निंग फायरिंग भी की थी। इसके बाद, जब जहाज के नाविकों ने इसे पूरी तरह से अनसुना कर दिया, तो अंतिम हमले से ठीक 15 मिनट पहले क्रू को इंजन रूम खाली करने की स्पष्ट चेतावनी दी गई। जहाज के न रुकने की स्थिति में अमेरिकी सैन्य विमान ने सीधे उसके इंजन रूम को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। इस हमले के समय जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। हमले के बाद भयंकर आग लग गई, जिसके बाद त्वरित बचाव अभियान चलाकर 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इंजन रूम में लगी भीषण आग और धुएं के कारण तीन भारतीय नाविकोंकृआदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश की दर्दनाक मौत हो गई।
भारतीयों की मौत को लेकर उठे सवाल
इस बीच, इस दुखद घटना को लेकर भारत के भीतर भी सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। कांग्रेस सहित देश के प्रमुख विपक्षी दलों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सरकार की विदेश नीति और राष्ट्रीय संप्रभुता के दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की बेरहमी से हत्या के कई दिन बीत जाने के बाद भी अमेरिका की तरफ से न तो कोई वास्तविक अफसोस जाहिर किया गया है और न ही कोई माफी मांगी गई है। इसके विपरीत, अमेरिकी प्रशासन लगातार आदेशात्मक भाषा का प्रयोग कर रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र अपने नागरिकों की मौत पर इस तरह की भाषा और उपेक्षा कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री देश के सम्मान की रक्षा करने के बजाय पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और एक आज्ञाकारी नौकर की तरह केवल आदेश मान रहे हैं।
Leave a Comment