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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं मानेगी सरकार?

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पेपर लीक विवाद पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार की जा रही मांग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार में इस तरह की कोई बात नहीं हो रही है। उन्होंने विपक्ष से आह्वान किया कि वे संसद में अपनी बात रखें और सरकार हर बिंदु पर तथ्यात्मक जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पत्रकार वार्ता के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं और उनका रवैया बेहद सेलेक्टिव है। नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में हुई पेपर लीक की घटनाओं पर भी बोलना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार के साथ आएं, ताकि देश में इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि पेपर लीक का विषय जांच के अधीन है और छात्रों के प्रदर्शन को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा की अवधि तय करे, सरकार संसद के पटल पर जनता और छात्रों के समक्ष पूरी पारदर्शिता के साथ अपनी बात रखेगी।

दूसरी ओर, अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगों पर भी केंद्रीय मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। वांगचुक ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक या बदले की कार्रवाई न करने का आश्वासन मिलने पर अपना अनशन समाप्त करने की बात कही है। इस पर नड्डा ने कहा कि सरकार उनके खुले पत्र का अध्ययन कर रही है और जल्द ही इसका आधिकारिक जवाब दिया जाएगा।

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