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हादसे दर हादसे

विश्व गुरु के नाम से विख्यात भारत में हादसे दर हादसे हो रहे हैं। सड़कों पर मौत का तांडव हो रहा है मानवीय त्रासदी कब रुकेगी प्रतिदिन लाशों के अंबार लग रहे हैं। अग्नि देने वाले भी नहीं बच रहे हैं। अल सुबह घर से खुशी खुशी अपने अपने सफर पर निकले यात्रियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि यह उनका अंतिम सफर होगा। सोमवार सुबह करीब दस बजे जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिला में एक भीषण हादसा हो गया जब यात्रियों से भरी बस एक पहाड़ी से नीचे गिर गई। इस हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 61 लोग घायल हो गए। हादसा बहुत ही खौफनाक था कि बस के परखच्चे उड़ गए। सोमवार रात को करसोग के अलसींडी के कंलगार में एक गाडी के खाई में गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। गत सप्ताह कुल्लु के बंजार में भी हादसा हुआ था। घर से सफर पर निकले पर्यटकों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा की यह उनका आखि़री सफर होगा। सलापरवाही व तेज रफ्तार से पहाडों मे पर्यटक बेमौत मारे जा रहे हैं। सड़क हादसे अभिशाप बनते जा रहे हैं। प्रतिदिन लाशों के अंबर लग रहे हैं। बंजार के सोझा में जलोड़ी के पास एक ट्रेवलर खाई में गिर गईं और चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गईं और दर्जनों लोग घायल हो गए। 18 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। गाड़ी में 22 लोग सवार थे। यह पर्यटक दिल्ली से हिमाचल घूमने आये थे। पल भर में लाशों के ढेर लग गए जीते जागते इंसान लाशों में बदल गए। यह बहुत ही त्रासदी है। अक्सर देखा गया है की अन्य राज्यों से घूमने आये लोगो को यहां गाड़ी चलाने में मुश्किल होती है क्यूंकि यहां पहाड़ी इलाका है जरा सी लापरवाही भारी पड़ जाती है। चालक भी अनभिज्ञ होते है। प्रतिवर्ष यहां लाखों सैलानी छुट्टियों में घूमने आते है लेकिन सड़कों का ज्ञान न होने के कारण दुर्घटनाएं होती हैं और असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं।दु र्घटनाओ में परिवार के परिवार खत्म हो जाते हैं अग्नि देने वाला भी नहीं बच पाता है। चंडीगढ़ मनाली राजमार्ग पर प्रतिदिन हादसे हो रहे है ऐसा कोई दिन नहीं होता की हादसा न हो यह क्रम कभी नहीं टूटता है। पर्यटक भी ओवरस्पीड से वाहन चलाते हैं यातायात के नियमों का उल्लंघ्न करते हैं और मौत के मुँह में चले जाते हैं। हर साल हजारों लोग मारे जाते हैं लेकिन सबक नहीं सीखते हैं। पर्यटक नियमित आते रहते हैं पूरा साल लोग मनाली और लाहौल घूमने जाते हैं स नियमों का पालन करे तो ऐसे हादसे रुक सकते हैं लेकिन यह लोग मनमानी करते हैं स होली के समय बाहरी राज्यों के लोग गाड़ियों व दोपहिया वाहनों पर घूमने आते हैं इनमे कोई भी हेलमेट नहीं पहनता हैं और ज़ब दुर्घटना होती हैं तब मारे जाते हैं। पुलिस चालान काटती हैं फिर भी यह लोग लापरवाही से बाज नहीं आते। हर वर्ष लोग धार्मिक यात्राएं करते हैं जीपों व ट्रकों में यात्रा करते हैं और खाईयों में गिरते हैं क्यूंकि यह सब ओवरलोडीग के कारण होता है। ऐसा करने वालों पर शिकजा कसना चाहिए जो जानबूझ कर मीत को दावत देते हैं ऐसे चालकों के लाइसेंस रद्द करने चाहिए। पर्यटको को भी सावधानी से गाड़ी चलानी चाहिए ताकि दुर्घटना न हो। ज्यादातर हादसे तेज रफ्तार से होते हैं कुछ चालक नशा करके गाड़ी चलाते हैं और लोगो को मौत की सौगात देते हैं। पुलिस विभाग को चाहिए की बाहर से आने वाले पर्यटको के लिए यातायात के शिविर लगाने चाहिए ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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