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इंग्लैंड को नंबर 1 टेस्ट टीम के साथ ही डबल्यूटीसी चौंपियन बनाना चाहते हैं फ्लेमिंग

लंदन । इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा है कि उनका लक्ष्य टीम को नंबर एक टेस्ट टीम बनाने के साथ ही विश्व टेस्ट चौम्पियन (डबल्यूटीसी) में जीत दिलाना है। वह साल 2030 तक इंग्लैंड के कोच रहेंगे। कोच के तौर पर फ्लेमिंग की पहली बड़ी परीक्षा 17 दिसंबर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला से होगी। फ्लेमिंग का मानना है कि इंग्लैंड के पास शीर्ष तक पहुँचने की पर्याप्त क्षमता है, लेकिन इसके लिए टीम को दीर्घकालिक और सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने होंगे। श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों का अभियान समाप्त होने को है, ऐसे में फ्लेमिंग ने अपना सारा ध्यान अब टेस्ट क्रिकेट पर केंद्रित कर दिया है। उन्होंने जोर दिया कि विश्व टेस्ट चौंपियनशिप उनके लक्ष्यों में सबसे ऊपर है, क्योंकि यह विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफियों में से एक है और इंग्लैंड को इसे जीतने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने स्वीकार किया कि इन लक्ष्यों को हासिल करना एक कठिन चुनौती होगी। इसके लिए खिलाड़ियों के कार्यभार प्रबंधन, टीम के संतुलन और खेल के तरीके पर निरंतर काम करने की आवश्यकता होगी। फ्लेमिंग ने खास तौर पर ओवर पूरे करने की गति को टीम की पहचान और उसके खेलने के अंदाज से जोड़ते हुए कहा कि केवल बड़े लक्ष्य तय करने से सफलता नहीं मिलेगी, बल्कि उनके लिए सही तैयारी और लंबे समय तक एक जैसी मेहनत जरुरी है। 2030 तक के अपने लंबे अनुबंध के मद्देनजर, फ्लेमिंग ने दुनिया की शीर्ष टेस्ट टीम के प्रभारी बनने की अपनी इच्छा को भी दोहराया। उन्होंने इसे अपना सपना बताया। अभी ऑस्ट्रेलिया इस प्रारूप में नंबर एक पर बरकार है, जिसके साथ इंग्लैंड की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता रही है। फ्लेमिंग का कोचिंग करियर मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट, विशेषकर आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनकी सफल भागीदारी के लिए जाना जाता है। अब वह एक राष्ट्रीय टीम के साथ दीर्घकालिक परियोजना पर काम करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

फ्लेमिंग के लिए इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ काम करने का सबसे आकर्षक पहलू खिलाड़ियों के साथ मजबूत और स्थायी संबंध बनाना है। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में यह अवसर सीमित होता है, जबकि राष्ट्रीय टीम के साथ महीनों और वर्षों तक काम करने से खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से समझने और टीम को अपनी सोच के अनुरूप ढालने में मदद मिलेगी। उनका मानना है कि विश्व टेस्ट चौंपियनशिप के मौजूदा चक्र में प्रत्येक टेस्ट मैच का अपना महत्व है। ऐसे में इंग्लैंड को केवल कुछ श्रृंखलाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के बजाय पूरे चक्र में लगातार अंक हासिल करने होंगे। फ्लेमिंग की योजना भी इसी लंबी यात्रा को ध्यान में रखकर टीम को तैयार करने की है। 

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