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कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट ब्लॉक क्यों?

 राजनीतिक-डिजिटल हलकों में चर्चा

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने कमाल किया कि लोगों के होश उड़ गए। इसकी शुरुआत एक व्यंग्य से हुई थी लेकिन देखते ही देखते यह ऑनलाइन गुस्से, बेरोजगारी और सिस्टम से नाराज युवाओं की आवाज बन गया। लाखों लोग इस नाम से जुड़ने लगे। मीम, पोस्ट और तंज के जरिए सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने लगे, लेकिन एक्स अकाउंट बनते ही अचानक भारत में ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। क्या यह सिर्फ एक सटायर अकाउंट था या फिर सरकार को इसमें कोई बड़ा खतरा नजर आने लगा था? यही सवाल अब राजनीतिक और डिजिटल हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा में है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने एक्स को आईटी एक्ट के तहत इस अकाउंट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया। दावा किया गया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया था। सरकार का कहना है कि अकाउंट पर ऐसा ‘भड़काऊ कंटेंट’ पोस्ट हो रहा था, जो युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा था और इससे देश की संप्रभुता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी। हालांकि दूसरी तरफ कई लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर कार्रवाई बता रहे हैं। खास बात यह है कि अकाउंट ब्लॉक होने के कुछ घंटों बाद ही इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने नया अकाउंट शुरू कर दिया। इससे साफ हो गया कि यह विवाद अभी खत्म होने वाला नहीं है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत 16 मई को हुई थी। बोस्टन में रहने वाले 30 साल के अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक गूगल फॉर्म शेयर किया और लोगों से इस ‘सटायर पार्टी’ से जुड़ने की अपील की। यह पूरा मामला उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें भारत के सीजेआई सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। हालांकि बाद में सीजेआई ने साफ किया था कि उनका बयान बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री वालों के संदर्भ में था।

इसके बावजूद यह मुद्दा तेजी से वायरल हुआ। कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ में रजिस्ट्रेशन कराया। सोशल मीडिया पर मीम्स और पोस्ट की बाढ़ आ गई। टीएमसी नेताओं महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद समेत कई राजनीतिक चेहरों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण और अंजलि भारद्वाज जैसे नाम भी इस चर्चा में शामिल हो गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईबी ने मेतिवॉय को इनपुट दिया था कि यह अकाउंट ‘देश की संप्रभुता के लिए खतरा’ बन सकता है। अधिकारी के मुताबिक, ‘आईबी को लगा कि यह अकाउंट भड़काऊ कंटेंट पोस्ट कर रहा था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी। खासकर युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही थी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया। यह वही कानून है, जिसके जरिए सरकार सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और संप्रभुता के नाम पर ऑनलाइन कंटेंट हटवा सकती है।

अकाउंट ब्लॉक होने के बाद अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उन्हें पहले से इसकी उम्मीद थी। कुछ घंटों बाद ही उन्होंने नया एक्स अकाउंट शुरू कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि ‘कॉकरोच’ नाम वाले कई दूसरे अकाउंट अभी भी सक्रिय हैं। इनमें द कॉकरोच यूथ न्यूज और कॉकरोज पार्टी ऑफ इंडिया जैसे नाम शामिल हैं। इससे यह बहस और तेज हो गई है कि आखिर कार्रवाई सिर्फ एक अकाउंट पर ही क्यों हुई।

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