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मुर्शिदाबाद में पूर्व डीसीपी के घर 14 घंटे चली ईडी की छापेमारी

मुर्शिदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन हड़पने के मामलों की जांच के सिलसिले में कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास और सोना पप्पू के नाम से मशहूर कारोबारी बिस्वजीत पोद्दार से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की गई। मुर्शिदाबाद के कांडी में स्थित पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा के आलीशान घर पर ईडी की यह कार्रवाई करीब 14 घंटे तक चली, जो देर रात समाप्त हुई। छापेमारी पूरी होने के बाद ईडी के अधिकारियों ने पूरे मकान को सील कर दिया है। इस तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय एजेंसी को जमीन से जुड़े कई अहम दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। 

बरामद कागजातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच-पड़ताल करने के लिए बहरामपुर से दो बैंक अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया था। इसके साथ ही अधिकारियों ने भूमि राजस्व विभाग और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों की मदद से इन विवादित संपत्तियों के रिकॉर्ड का मिलान किया। जांच के दौरान एजेंसी ने उन राजमिस्त्रियों से भी पूछताछ की जो पिछले कुछ सालों से इस आलीशान प्रॉपर्टी की मरम्मत और निर्माण कार्य में लगे हुए थे। कार्रवाई के समय अंडुलिया पंचायत की मुखिया मामोनी राजबंशी को भी मौके पर मौजूद रखा गया ताकि जब्त की गई चीजों की सूची (सीजर लिस्ट) पर उनके हस्ताक्षर कराए जा सकें। पूर्व डीसीपी की गिरफ्तारी के बाद से ही मुर्शिदाबाद का यह आलीशान घर पूरे राज्य में कौतूहल का विषय बना हुआ है। ईडी ने इस मामले में शांतनु सिन्हा के करीबियों और रिश्तेदारों पर भी शिकंजा कसा है। इनमें उनके भतीजे सौरव अधिकारी, मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू और कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली के ठिकाने शामिल हैं। रुहिल अमीन को पूर्व डीसीपी का बेहद करीबी माना जाता है। गौरतलब है कि इस मामले में ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद हाल ही में बिस्वजीत पोद्दार को गिरफ्तार किया था, जबकि पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा पिछले हफ्ते से हिरासत में हैं। इससे पहले अप्रैल महीने में कारोबारी जॉय एस कामदार को भी इस घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी पोद्दार पर पूरे पश्चिम बंगाल में जबरन जमीन हड़पने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के कई गंभीर आरोप हैं। वह 2017 के एक हत्या के मामले और जेल के बाहर विरोधी पर हमले की घटनाओं में भी जांच के दायरे में है।

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