Shopping cart
Your cart empty!
Terms of use dolor sit amet consectetur, adipisicing elit. Recusandae provident ullam aperiam quo ad non corrupti sit vel quam repellat ipsa quod sed, repellendus adipisci, ducimus ea modi odio assumenda.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Sit amet consectetur adipisicing elit. Sequi, cum esse possimus officiis amet ea voluptatibus libero! Dolorum assumenda esse, deserunt ipsum ad iusto! Praesentium error nobis tenetur at, quis nostrum facere excepturi architecto totam.
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Inventore, soluta alias eaque modi ipsum sint iusto fugiat vero velit rerum.
Do you agree to our terms? Sign up
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सुवेंदु कैबिनेट का हिस्सा बनीं कलिता माझी की साड़ी पूरे देश में चर्चा की विषय बनी हुई है। ये वही साड़ी है जिसे पहनकर कलिता पोंछा लगाने घरों में जाती थीं। उन्होंने उसे खुद के लिए लकी माना और वही साड़ी पहनकर मंत्री पद की शपथ ली। महज 2500 की सैलरी में घरों में काम करने वालीं माझी अब पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने जा रहीं हैं। सोमवार को उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली, लेकिन खास बात है कि वह उस दौरान किसी चमचमाती नहीं, बल्कि काफी समय पहले अपनी कमाई से खरीदी पुरानी साड़ी पहनकर पहुंचीं थीं। प्लातिलाल पात्रा, कलिता की तारीफ करते नहीं थकते। पात्रा के घर पर ही कलिता काम करती थीं। एक हिंदी दैनिक से बातचीत में वह उम्मीद जताते हैं कि उनके नेतृत्व में राज्य की सड़कों और बदहाल स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि कलिता घर में उन्हें काका और बाबा कहकर बुलाती थीं।
कलिता ने यहां लोक भवन में शपथ लेने के बाद कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा जीवन इस तरह से बदल जाएगा। मुझ पर विश्वास करने और मुझे हर स्तर पर अवसर देने के लिए मैं अपनी पार्टी की आभारी हूं। बतौर मंत्री अपनी योजनाओं के बारे में माझी ने कहा, एक विधायक के रूप में मेरा ध्यान अपने क्षेत्र के विकास पर था। लेकिन अब मेरी जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। मुझे पूरे पश्चिम बंगाल की देखभाल करनी है। मैं अपनी पार्टी के निर्देशों का पालन करूंगी। माझी ने कहा, मैं नहीं बदलूंगी। मुझे पता है कि जीवन क्या है। मैं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कल्याण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में काम करूंगी। मैं उनकी नब्ज जानती हूं क्योंकि मैं उनमें से एक हूं और अपनी आखिरी सांस तक ऐसी ही रहूंगी। खबर है कि जब कलिता को मंत्री पद के लिए चुना गया, तो उन्होंने शपथ के मौके के लिए भी सादगी को चुना। वह मंत्री पद की शपथ लेने ऐसी साड़ी पहनकर गई थीं, जो उन्होंने काफी समय पहले अपनी कमाई से खरीदी थी। हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार, विधायक पद की शपथ लेने के दौरान वह तोहफे में मिली साड़ी पहनकर गईं थीं। वह साड़ी उन्हें पात्रा परिवार ने दी थीं, जहां वह उनके घर का काम करती थीं।
पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले में औसग्राम सीट से माझी ने हालिया विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर सभी को हैरान कर दिया था। उन्होंने अपने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को 12,535 मतों के अंतर से हराया। उनके पति प्लंबर हैं और दोनों का एक बेटा है। वह अपने बेटे को भी चुनावी अभियान का बड़ा श्रेय देती हैं। गुसकारा क्षेत्र की रहने वालीं कलिता चुनाव में उतरने से पहले 4 घरों में घरेलू काम करती थीं और उनकी आय 2500 रुपये प्रतिमाह थी। न्यूज18 से बातचीत में पात्रा परिवार ने पहले कहा था कि कलिता उनके साथ 20 साल से ज्यादा समय से जुड़ी हैं। वह सुबह 7 बजे उनके घर पहुंच जाती थीं और कुछ देर काम के बाद निकलती थीं। पात्रा ने कहा कि वह चुनाव में टिकट हासिल करने के बाद भी घर के काम करती रहीं और प्रचार के साथ मजबूत संतुलन बनाया।
Leave a Comment