Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

मोबाइल इंटरनेट से दूरी के कारण हो रही 3 ट्रिलियन डॉलर की हानि

लंदन । दुनियाभर में करीब 3.4 अरब लोग आज भी मोबाइल इंटरनेट से दूरी बनाए हुए है। इस डिजिटल दूरी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था को करीब 3 ट्रिलियन डॉलर तक का संभावित नुकसान हो रहा है। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां नेटवर्क मौजूद है, लेकिन फिर भी वे इंटरनेट से नहीं जुड़ पा रहे।

इसे ‘यूसेज गैप’ कहा जाता है। आंकड़ों के अनुसार, इन 3.4 अरब लोगों में से लगभग 30 करोड़ लोग ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां नेटवर्क कवरेज ही नहीं है। लेकिन लगभग 3.1 अरब लोग ऐसे हैं जो नेटवर्क होने के बावजूद इंटरनेट का उपयोग नहीं करते। इसकी सबसे बड़ी वजह है लागत। कई देशों में स्मार्टफोन और डेटा प्लान अब भी इतने महंगे हैं कि आम नागरिक उन्हें खरीदने में सक्षम नहीं होते। इसके अलावा डिजिटल जानकारी की कमी, लोकल भाषा में कंटेंट की अनुपलब्धता और कुछ लोगों का केवल वाई-फाई पर निर्भर रहना भी इस दूरी को बढ़ाता है। अमीर देशों की स्थिति बिल्कुल अलग है। जैसे कतर में 5जी कवरेज लगभग पूरे देश में उपलब्ध है और मोबाइल इंटरनेट का उपयोग 80 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। जबकि जॉर्डन, ट्यूनीशिया, मिस्र, मोरक्को और अल्जीरिया जैसे देशों में 2030 तक भी इंटरनेट उपयोग सिर्फ 20दृ30 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। 

मोबाइल इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन या सोशल मीडिया का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, ऑनलाइन बिज़नेस और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है। खासकर महिलाओं, युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए यह आर्थिक सशक्तिकरण का बड़ा साधन है। दूसरी ओर, 5जी के विस्तार और 6जी की चर्चा शुरू होने के बावजूद विशेषज्ञ मानते हैं कि आम लोगों के लिए अच्छे 4जी नेटवर्क पर्याप्त हैं। लेकिन एआई और डिजिटल सेवाओं में बढ़ोतरी के चलते इंटरनेट ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नेटवर्क पर दबाव बढ़ना तय है। 

Comments (0)

Leave a Comment