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नेकां में घमासान नाराज विधायकों की जमकर हो रहीं गुप्त बैठकें

जम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के भीतर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बुधवार को पार्टी के 11 विधायकों ने गुरेज विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी के तुलसी बाग स्थित आवास पर एक गोपनीय बैठक की।  इसके बाद जो गुप्त बैठकों को दौर शुरु हुआ है तो थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है, जिसे नेतृत्व पर दबाव बनाने की सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर मचे इस घमासान पर अगले दो दिन में कोई फैसला आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में मौजूद पार्टी प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला घाटी लौटकर नाराज विधायकों से मुलाकात कर संकट का हल निकालने की कोशिश करेंगे। असंतुष्ट विधायकों ने फारूक से हस्तक्षेप की मांग करते हुए लगभग 10 सूत्रीय मांगों का एक पत्र भी भेजा है। इसमें दाछिगाम विधायक दल की बैठक के फैसलों पर अमल की मुख्य मांग शामिल है, साथ ही इसमें तीन नेताओं के नाम भी हैं। इस बीच, पार्टी प्रवक्ता इमरान नबी डार ने इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस एक परिवार है और आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए जल्द सुलझा लिया जाएगा। शुक्रवार को इस सिलसिले में एक निर्णायक मुलाकात होने की संभावना है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।बैठक में मौजूद एक विधायक ने बताया कि गहन विचार-विमर्श और मंथन हुआ है। उन्होंने इसे आगे की रणनीति और कार्ययोजना तय करने के लिए महत्वपूर्ण बताया, हालांकि उन्होंने बैठक के विषय को साझा करने से इनकार कर दिया। यह बैठक ऐसे नाजुक समय में हुई है जब पार्टी के भीतर विधायकों के एक बड़े वर्ग ने संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गुरेजी के आवास पर विधायकों का इस तरह जुटना महज एक अनौपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि नेतृत्व पर दबाव बनाने की सुनियोजित रणनीति है।

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भड़की यह बगावत अब व्यक्तिगत नाराजगी से निकलकर एक संगठित रूप ले चुकी है। पिछले एक सप्ताह के भीतर श्रीनगर में असंतुष्ट विधायकों ने चार अलग-अलग गुप्त बैठकें की हैं। पहले दौर में दर्जन भर विधायकों से शुरू हुआ यह कुनबा अब बढ़कर करीब 25 विधायकों तक पहुंच चुका है। पहली बैठक कैबिनेट विस्तार के ठीक बाद 28 अक्तूबर को हुई थी। इसके बाद 31 अक्तूबर को दूसरी बैठक श्रीनगर में विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर हुई। 3 नवंबर की रात को श्रीनगर के हैदरपोरा में टंगमर्ग के विधायक फारूक अहमद शाह के आवास पर भी विधायकों का जमावड़ा लगा था, और अब 4 नवंबर को 11 विधायक नजीर अहमद गुरेजी के आवास पर गुप्त रूप से जुटे।



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