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पिता के पास फिल्म जगत का 60 साल का अनुभव है- श्रेया पिलगांवकर

मुंबई। हाल के दिनों में अपने कुछ इंटरव्यू को लेकर अभिनेता और फिल्मकार सचिन पिलगांवकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं। अपने पिता का बचाव करते हुए अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने ट्रोल करने वालों को जबर्दस्त जवाब दिया है। पलटवार करते हुए श्रेया ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी कलाकार को निशाना बनाने वाले कई लोग वास्तविक जिंदगी में उसी कलाकार से मिलने पर तस्वीर खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आते हैं। बातचीत में श्रेया ने कहा कि लोगों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं है कि उनके पिता ने अपने लंबे करियर में कितना कुछ देखा और सीखा है।


उनके पास फिल्म जगत का 60 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने इंडस्ट्री के कई दौर और बदलाव अपनी आंखों से देखे हैं। ऐसे में जब उनसे उनके जीवन, फिल्मों या करियर को लेकर सवाल किए जाते हैं, तो वह स्वाभाविक रूप से अपने अनुभव साझा करते हैं। श्रेया के मुताबिक, इसमें विवाद जैसा कुछ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब किसी ऐसे व्यक्ति को बातचीत के लिए बुलाया जाता है, जिसने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में बिताया है, तो उससे उसके अनुभवों के बारे में ही बात की जाएगी। 

उनके पिता लगातार इंटरव्यू में अपने करियर, जिंदगी और फिल्म जगत से जुड़े अनुभव साझा करते रहे हैं। लोगों को उनकी बातों को उसी संदर्भ में समझना चाहिए, न कि हर बयान को विवाद का रूप देने की कोशिश करनी चाहिए। सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर श्रेया ने कहा कि मनोरंजन जगत में यह एक अजीब स्थिति है कि इंटरनेट पर किसी कलाकार के खिलाफ टिप्पणी करने वाले वही लोग आमने-सामने मिलने पर उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए पहुंच जाते हैं। इंटरनेट पर लोगों की राय और वास्तविक जिंदगी में उनका व्यवहार कई बार बिल्कुल अलग दिखाई देता है। उनका परिवार इस अंतर को अच्छी तरह समझता है। 

श्रेया ने कहा कि जब वह और उनका परिवार वास्तविक जिंदगी में लोगों के बीच जाते हैं तो उन्हें ज्यादातर प्यार और सम्मान ही मिलता है। इसलिए सोशल मीडिया पर होने वाली नकारात्मक चर्चाएं उन्हें उतनी वास्तविक नहीं लगतीं। उनके लिए आमने-सामने मिलने पर लोगों का व्यवहार ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए नकारात्मक बातें करते हैं, जबकि कुछ लोगों के लिए दूसरों की सफलता और खुशी को स्वीकार करना मुश्किल होता है। श्रेया ने लोगों को नकारात्मकता में उलझने के बजाय प्यार और सकारात्मक चीजों पर ध्यान देने की सलाह दी। 


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