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पर्याप्त नींद न मिलने से बिगड़ जाता है हार्माेन्स का संतुलन-एक्सपर्ट

नई दिल्ली । आधुनिक जीवनशैली की अपेक्षाओं और निरंतर प्रतिस्पर्धा ने हमें एक ऐसे चक्रव्यूह में फंसा दिया है, जहाँ पर्याप्त नींद एक विलासिता बनकर रह गई है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे पहले जिस चीज़ की बलि चढ़ती है, वह है हमारी नींद और मानसिक शांति। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर के हार्माेन्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे बेवजह भूख लगती है और शरीर में लगातार थकान बनी रहती है। यह न केवल हमारी ऊर्जा के स्तर को प्रभावित करता है, बल्कि गलत खान-पान की आदतों को भी बढ़ावा देता है। नींद की कमी से लेप्टिन (भूख को नियंत्रित करने वाला हार्माेन) का स्तर गिरता है और घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्माेन) का स्तर बढ़ता है, जिससे हम अस्वास्थ्यकर भोजन की ओर आकर्षित होते हैं। 

वहीं, लगातार बना रहने वाला कार्य-संबंधी तनाव शरीर में कॉर्टिसोल, जिसे स्ट्रेस हार्माेन भी कहते हैं, का स्तर बढ़ा देता है। यह हार्माेन पेट के आसपास फैट जमा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे मोटापे और संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। उच्च कॉर्टिसोल स्तर रक्त शर्करा को भी प्रभावित कर सकता है और इंसुलिन प्रतिरोध को जन्म दे सकता है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। यह एक खतरनाक श्रृंखला प्रतिक्रिया बन जाती है कम नींद से तनाव बढ़ता है, तनाव से खाने-पीने की आदतें बिगड़ती हैं, और बिगड़ा हुआ खान-पान हमारे मेटाबॉलिज्म को बुरी तरह प्रभावित करता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बिजी रूटीन को एक अदृश्य हत्यारा मानते हैं, जो बिना किसी शुरुआती लक्षण के हमारे शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है। व्यस्तता के नाम पर हम समय पर खाना न खाने, रेडी-टू-ईट जंक फूड का सेवन करने और व्यायाम को टालने जैसी आदतें अपना लेते हैं। ये छोटी-छोटी लापरवाहियाँ धीरे-धीरे हमारी जिंदगी का नया सामान्य बन जाती हैं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये ही आजकल तेजी से बढ़ रही गंभीर बीमारियों की सबसे बड़ी वजह हैं। रक्तचाप का धीरे-धीरे बढ़ना, रक्त शर्करा का अनियंत्रित होना और मेटाबॉलिज्म का सुस्त पड़नाकृइनके शुरुआती दौर में कोई लक्षण नज़र नहीं आते। जब तक बीमारियाँ सामने आती हैं, तब तक आंतरिक स्तर पर काफी नुकसान हो चुका होता है। व्यस्त जीवनशैली का बहाना आज भले ही सही लगे, लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणाम बेहद गंभीर होते हैं। 

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