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रक्षा मंत्रालय ने अग्निपथ योजना में किया पहला बड़ा बदलाव

नई दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने चार साल के अंतराल के बाद अग्निपथ योजना में पहला बदलाव किया है। योजना के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की उपरी आयु सीमा अब 22 साल कर दी गई है। इससे पहले यह सीमा 21 साल थी। निचली आयु सीमा 17.5 साल पहले की तरह ही बनी रहेगी। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस बदलाव से अधिक युवा इस योजना में शामिल होने का अवसर पाएंगे।

अग्निपथ योजना के तहत हर साल थल सेना, नौसेना और वायुसेना में करीब 50-55 हजार अग्निवीर भर्ती किए जाते हैं। यह भर्ती तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों श्रेणियों में होती है। तकनीकी क्षेत्रों में अधिक पेशेवर जवानों की जरूरत के कारण इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्य कारण अधिक तकनीकी पेशेवरों को शामिल करना है।

12वीं पास करने वाले युवाओं की उम्र का निर्धारण एक जुलाई को होता है। ऐसे में जुलाई के बाद जन्म लेने वाला युवा 18 साल की उम्र में पहली बार आवेदन कर सकता है। इसके बाद यदि कोई तकनीकी डिप्लोमा करता है, तो उसकी उम्र सीमा 21 साल तक पहुंच जाती है, जिससे कई योग्य उम्मीदवार पहले आवेदन के योग्य नहीं होते थे। तकनीकी पेशेवरों की भर्ती से सेनाओं को कम समय में प्रशिक्षित किया जा सकता है। विशेष रूप से वायुसेना, नौसेना और थल सेना की कई शाखाओं में तकनीकी योग्य जवानों की आवश्यकता अधिक है। यही वजह है कि मंत्रालय ने उम्र सीमा में एक साल की बढ़ोतरी का फैसला लिया।

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