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सीएम योगी का जलवा बरकरार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के साथ ही उन सभी कयासों पर विराम लग गया है, जिनमें मुख्यमंत्री से बड़े विभाग लेकर नए मंत्रियों को सौंपने की बातें कही जा रही थीं। हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के वितरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरी तरह दबदबा दिखाई दिया।

कयास लगाए जा रहे थे कि मंत्रियों के चेहरों की तरह विभागों का फैसला भी दिल्ली से होगा, लेकिन रविवार को सामने आई सूची ने साफ कर दिया कि विभागों के चयन में सिर्फ मुख्यमंत्री की ही चली है। इस फेरबदल में जहां कुछ नए चेहरों को बेहद मजबूत जिम्मेदारी मिली है, वहीं कई पुराने मंत्रियों के कद में कटौती की गई है। इस मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे बड़ा फायदा समाजवादी पार्टी से आए बागी विधायक मनोज पांडेय को हुआ है। उन्हें खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति जैसा भारी-भरकम विभाग सौंपा गया है, जो सीधे जनता से जुड़ा है। बीजेपी राज्य में ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी दूर करने की कोशिश में जुटी थी, ऐसे में मनोज पांडेय को इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय देकर उनका राजनीतिक कद काफी बढ़ा दिया गया है। यह विभाग पहले बनारस के दयालु मिश्रा के पास था, जिनसे इसे वापस ले लिया गया है और अब उनके पास सिर्फ आयुष विभाग ही बचा है।


दूसरी ओर, बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में उन्हें लोक निर्माण विभाग मिलने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें एमएसएमई से ही संतोष करना पड़ा। जनता और युवाओं से सीधे जुड़े होने के कारण यह विभाग भी बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसमें कई स्वरोजगार योजनाएं शामिल हैं। भूपेंद्र चौधरी को यह जिम्मेदारी मिलने से मंत्री राकेश सचान को बड़ा झटका लगा है। पहले एमएसएमई विभाग राकेश सचान के पास था, लेकिन अब उनके पास केवल खादी एवं रेशम उद्योग विभाग ही रह गया है, जिससे उनका कद सरकार में कम माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बने सोमेंद्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल का जिम्मा मिला है, जबकि पहले राज्यमंत्री रहते हुए उनके पास ऊर्जा जैसा भारी विभाग था। इसके अलावा अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। राज्यमंत्रियों में कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास, कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा, सुरेंद्र दिलेर को राजस्व और हंस राज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पूरे फेरबदल से मुख्यमंत्री ने यह संदेश दे दिया है कि वे बिना किसी दबाव के अपने अनुसार सरकार चला रहे हैं।

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