Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

टीएमसी में भारी कलह

कोलकाता। टीएमसी के विधायकों की आंतरिक बैठक में उस समय गंभीर मतभेद और असंतोष उभरकर सामने आया, जब फालता विधानसभा सीट पर होने वाले पुनर्मतदान से पार्टी उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद कालीघाट में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में हुई बैठक में विधायकों ने पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और नेतृत्व की रणनीति पर तीखे सवाल उठाए। जहांगीर खान के ऐन वक्त पर पीछे हटने से इस विवादित सीट पर विपक्षी दल भाजपा की राह आसान होती दिख रही है, जिससे पार्टी के अंदरूनी हलकों में भारी नाराजगी है।

बैठक में वरिष्ठ विधायकों ने इस बात पर घोर आपत्ति जताई कि मतदान से महज दो दिन पहले चुनाव से हटने के बावजूद जहांगीर खान के खिलाफ अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। चूंकि फालता विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिए कुछ विधायकों की टिप्पणियों को सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर परोक्ष हमले के रूप में देखा जा रहा है। विधायकों ने व्यंग्य करते हुए जहांगीर को केंद्रीय प्रशासन वाले क्षेत्र का नेता कहा, जो इलाके में कड़े संगठनात्मक नियंत्रण की व्यवस्था पर एक स्पष्ट कटाक्ष था।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब चुनाव प्रचार के दौरान श्मशान घाट बनवाने को लेकर की गई एक पुरानी विवादास्पद टिप्पणी का मुद्दा दोबारा उठा। पूर्व में अभिषेक बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि जहांगीर के अनुरोध पर श्मशान घाट बनवाया जाएगा, ताकि चुनाव परिणामों के बाद विरोधियों का अंतिम संस्कार किया जा सके। बैठक में विधायकों ने इस बयान पर तंज कसते हुए पूछा कि अब वह श्मशान घाट कौन और किसके लिए बनवाएगा? राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव के बाद की रणनीति को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा शीर्ष नेतृत्व को दिया गया यह एक बड़ा संदेश है। इस महत्वपूर्ण बैठक से करीब 15 विधायकों की अनुपस्थिति ने पार्टी की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

हालांकि कई विधायकों ने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन मालदा के एक विधायक के दिल्ली में होने की सूचना के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इसके अलावा, बैठक में बॉलीगंज के विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नामित करने के समर्थन पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। बैठक के अंत में अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में अपनी संपत्तियों को मिले नगर निगम के नोटिस का विरोध करते हुए कहा कि ऐसी धमकियां उन्हें झुका नहीं पाएंगी और भाजपा के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा।

Comments (0)

Leave a Comment