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ट्रंप ने फिर चली चाल, अब भारतीय दवाओं के दाम घटाने का किया ऐलान

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ वॉर के बाद अब भारतीय दवा कंपनियों को नुकसान पहुंचाने की नई चाल चली है। उन्होंने अमेरिका में दवाओं के दाम घटाने का ऐलान किया है। इसका सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका में अभी करीब 60 फीसदी जेनरिक दवाओं का आयात भारत से ही किया जाता है। अगर अमेरिकी बाजार में दवाओं की कीमतें कम होती हैं, तो इससे भारतीय दवा कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा। 


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की नई प्राइसिंग नीति से दुनियाभर की फार्मा कंपनियों में खलबली है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय कंपनियों पर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि भारतीय फार्मा कंपनियों का अमेरिका में काफी ज्यादा कारोबार है। वित्तवर्ष 2026 में भारतीय कंपनियों का अमेरिका को कुल दवा निर्यात करीब 80 हजार करोड़ रुपये था। अमेरिका की आधे से ज्यादा जेनरिक दवाओं की सप्लाई भारतीय कंपनियों ही करती हैं। यही वजह है कि ट्रंप के ताजा फैसले फार्मा कंपनियों को अपना मुनाफा कम होने का डर सताने लगा है। ट्रंप के ताजा फैसले का असर उन भारतीय कंपनियों पर ज्यादा होने वाला है, जिनका कारोबार आज भी अमेरिका पर ज्यादा निर्भर है। खासकर ऐसी भारतीय कंपनियां जो ब्रांडेड और इनोवेटिव प्रोडक्ट का ज्यादा निर्यात करती हैं। ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान करते समय एक शर्त रखी थी कि जो भारतीय कंपनियां अमेरिका में अपना विनिर्माण करती हैं, उन्हें टैरिफ से छूट दी जाएगी। भारतीय दवा कंपनी सन फार्मा ने इस शर्त को मंजूर किया और अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को लेकर करार किया। इससे ट्रंप ने कंपनी को एक साल तक और फिर आगे 2 साल तक छूट देने का प्रस्ताव दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अमेरिका में दवाएं सस्ती करने का फैसला करके उन दवा कंपनियों को चौंका दिया है, जो अभी वहां अपने कारोबार से ज्यादा मुनाफा कमाती हैं। हाई मार्जिन वाली स्पेशल दवाएं बेचने वाली कंपनियों का मार्जिन इस फैसले ज्यादा कम होगा। ऐसी भारतीय कंपनियां जो अमेरिका में कैंसर, अल्जाइमर जैसी हाई मार्जिन वाली दवाएं बेचती हैं, उनके मुनाफे पर इसका ज्यादा असर होगा। इससे बचने के लिए भारतीय कंपनियां अमेरिका में अपनी यूनिट लगाने को भी तैयार हैं, लेकिन इससे खर्च काफी बढ़ेगा। हालांकि, यह फैसला भविष्य में उन पर टैरिफ का जोखिम कम कर देगा। 

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