Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

77 साल के हुए गावस्कर को मिली प्रशंसकों और क्रिकेट जगत से बधाईयां

मुम्बई । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और लिटिल मास्टर के नाम से लोकप्रिय सुनील मनोहर गावस्कर आज 77 साल के हो गये। इस अवसर पर इस महान बल्लेबाज को साथी खिलाड़ियों के साथ ही प्रशंसकों ने भी बधाईयां दी हैं। गावस्कर सत्तर और अस्सी के दशक में भारतीय बल्लेबाजी के आधार थे। उन्होंने इस दौरान कई बड़े रिकार्ड बनाये जिसमें से कई आज भी कायम हैं। गावस्कर ने उस दौर में पारी की शुरुआत करते हुए खतरनाक गेंदबाजों के खिलाफ बिना हेलमेट से खेलते हुए नई नये रिकार्ड बनाकर सभी को हैरान कर दिया था। 

गौरतलब है कि गावसकर दस हजार रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज बने। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डोनाल्ड ब्रैडमैन का 29 शतकों का रिकार्ड तोड़कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की थी। गावस्कर ने भारत के लिए 125 टेस्ट मैच खेले। 1971 से 1987 के अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान एक दौर ऐसा भी रहा, जहां उन्होंने भारतीय टीम की ओर से लगातार 106 टेस्ट खेले। इस प्रकार वह भारतीय टीम की ओर से लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले पहले बल्लेबाज बने। इस सूची में दूसरे नंबर पर राहुल द्रविड़ हैं, जिन्होंने लगातार 93 टेस्ट खेले हैं। गावस्कर के दौर में वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के पास कई खतरनाक गेंदबाजों थे। उनका सामना गावस्कर ने अपने साहस, धैर्य, तकनीक और बेहतरीन स्ट्रोक प्ले से किया। जानलेवा बाउंसर्स के उस दौर में गावस्कर बिना हेलमेट के बल्लेबाजी किया करते थे। विकेटों के पतझड़ के बीच ही वह एक छोर पर टिके रहते। देश हो या विदेश हर पिच पर गावस्कर ने अपनी दमदार बल्लेबाजी विपक्षी टीमों के लिए मुश्किल खड़ी की और इसी वजह से वह भारतीय बल्लेबाजी के पहले पोस्टर बॉय माने जाते हैं। गावस्कर का टेस्ट करियर असाधारण और बाद में आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा था. गावस्कर ने अपने करियर में साल 1971 से 1987 तक के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 125 टेस्ट और 108 वनडे खेले।

टेस्ट क्रिकेट में गावस्कर ने 214 पारियों में 51.12 की औसत से 10,122 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 34 शतक और 45 अर्धशतक बनाये। वहीं एकदिवसीय की 102 पारियों में 1 शतक और 27 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 3,092 रन बनाए थे। उनका सबसे अधिक शतक और रनों का रिकार्ड कई साल तक कायम रहा जो बाद में सचिन तेंदुलकर ने तोड़ा। क्रिकेट से संन्यास के बाद गावस्कर कमेंटेटर के तौर पर भी छाये रहे हैं। 


Comments (0)

Leave a Comment