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टीसीएस की कमाई उम्मीद से बेहतर

नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। मजबूत डील बुकिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि और स्थिर राजस्व प्रदर्शन ने बाजार का ध्यान खींचा है, जबकि वेतन वृद्धि और रणनीतिक निवेश के चलते मार्जिन पर अस्थायी दबाव देखा गया। विश्लेषकों ने कंपनी के भविष्य को लेकर आशावादी रुख बनाए रखा है, जिससे शुक्रवार सुबह कारोबार में टीसीएस के शेयर में 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। टीसीएस ने जून तिमाही में 7.62 अरब डॉलर का डॉलर राजस्व दर्ज किया, जो स्थिर मुद्रा में पिछली तिमाही से 0.4 फीसदी और सालाना आधार पर 3.2 फीसदी अधिक है, जो बाजार अनुमानों से थोड़ा बेहतर है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा लगभग 13,400 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। इस तिमाही की सबसे बड़ी उपलब्धि 9.5 अरब डॉलर की नई डील्स रहीं, जो आगामी तिमाहियों के लिए मजबूत ऑर्डर बुक का संकेत देती हैं।

एआई कारोबार भी तेजी से गति पकड़ रहा है, जिसका वार्षिक राजस्व रन रेट 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 13.6 फीसदी की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने इस अवधि में 9,279 नए कर्मचारियों की भर्ती की और शेयरधारकों के लिए 12 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की घोषणा भी की। हालांकि, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और एआई, सेल्स तथा नई साझेदारियों में निरंतर निवेश के कारण कंपनी का एबिट मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 1.3 प्रतिशत अंक घटकर 24 फीसदी रह गया, जिससे मार्जिन पर दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। बावजूद इसके, प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों ने टीसीएस पर अपना भरोसा बरकरार रखा है। एक रेघ्टिंग एजेंसी ने बाय रेटिंग के साथ 12 महीनों के लिए 3,000 रुपये का लक्ष्य दिया है, उसका मानना है कि कंपनी के लिए अब आगे का रास्ता बेहतर दिख रहा है और हालिया गिरावट के बाद मौजूदा भाव पर शेयर आकर्षक है। भविष्य की बात करें तो, मजबूत डील पाइपलाइन और एआई कारोबार में सतत विस्तार टीसीएस के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ संबंधी अनिश्चितता और कंपनियों के आईटी खर्च में संभावित कमी जैसी वैश्विक चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके अतिरिक्त एआई द्वारा संचालित उत्पादकता वृद्धि भविष्य में ग्राहकों द्वारा कम मूल्य निर्धारण की मांग को जन्म दे सकती है, जिससे मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी का रणनीतिक निवेश और भविष्य के लिए मजबूत ऑर्डर बुक, विश्लेषकों को दीर्घकालिक वृद्धि के लिए आश्वस्त कर रहा है।



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