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आईपीएल के लिए अपनी शैली न बदलें - पुजारा

मुम्बई । दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज  चेतेश्वर पुजारा ने उभरते हुए स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा है कि उसे सीमित ओवरों के क्रिकेट खासकर आईपीएल को देखते हुए अपनी गेंदबाजी की मूल ताकत और शैली में बदलाव नहीं करना चाहिए। साथ ही कहा कि उसे टेस्ट के लिए बचाकर रखना चाहिए।

सुधार ने श्रीलंका के खिलाफ पहले ही टेस्ट में कुल 10 विकेट लिए थे। ये श्रीलंका की धरती पर किसी भारतीय गेंदबाज का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।  वह श्रीलंका में एक टेस्ट में 10 विकेट लेने वाले केवल तीसरे भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने विदेशी टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, जो इससे पहले दिग्गज भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी के नाम था। पुजारा ने कहा कि आजकल सभी युवा खिलाड़ी स्वाभाविक रूप से छोटे फॉर्मेट और आईपीएल में खेलना चाहते हैं पर  सुथार जैसे विशेष प्रतिभा वाले खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने टीम प्रबंधन  और चयनकर्ताओं को भी सलाह दी है कि सुथार को टेस्ट क्रिकेट के लिए ही रखा जाये। पुजारा ने कहा, उसे बचाकर रखने  करने की कोशिश करें। हमने पहले भी इस बारे में बात की है कि युवा खिलाड़ी छोटे प्रारुप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत को उसे टेस्ट प्रारुप के लिए बचाकर रखना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर सुथार को आईपीएल में खेलने का मौका मिलता है तो उन्हें जरूर खेलना चाहिए, लेकिन अपनी ताकत से समझौता नहीं करना चाहिए। 

गौरतलब है कि मानव सुथार को गुजरात टाइटंस ने 2025 की मेगा नीलामी में उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये पर खरीदा था। उन्होंने 2024 में आईपीएल में डेब्यू किया था पर सफल नहीं रहे। साल 2025 के सीजन में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, जबकि 2026 के सीजन में चार मैच खेलने के बाद उन्होंने तीन पारियों में गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 34 के औसत और 11.33 की इकॉनमी रेट से केवल 2 विकेट लिए। उनका पहला विकेट आरसीबी के रजत पाटीदार का था और बाद में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के डेवॉल्ड ब्रेविस को भी आउट किया। हालांकि, पंजाब किंग्स के सूर्यांश शेडगे के खिलाफ एक ओवर में 27 रन खर्च करने के बाद उन्हें उस सीजन में दोबारा मौका नहीं मिला। पुजारा की यह सलाह सुथार के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए अपनी मूल शैली से हटना पड़ सकता है। 

गाले टेस्ट में सुथार के शानदार प्रदर्शन के बीच, रविंद्र जडेजा की भूमिका एक सहयोगी गेंदबाज जैसी दिखी, और कुलदीप यादव को भी ज्यादा सफलता नहीं मिली। ऐसे में सुथार ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह को मजबूत कर लिया है। अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह सफेद गेंद के क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता साबित करें। 

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