Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles
Advertisement
Advertisement Banner

अमिताभ ‘जेन-जी’ से संवाद कायम करने सीख रहे उनकी भाषा

मुंबई । आजकल जेन-जी पीढ़ी सोशल मीडिया और इंटरनेट से जुड़े नए शब्दों और छोटे-छोटे वाक्यों का इस्तेमाल करती है। पीढ़ियों के साथ भाषा और बातचीत का अंदाज भी बदलता रहता है। बदलती परिस्थिति में ढलते हुए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी जेन-जी की इस नई भाषा को समझने और सीखने की कोशिश करते नजर आए। क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने बदलती भाषा को लेकर मजेदार अंदाज में अपनी उलझन साझा की। उन्होंने ‘यू आर रॉकिंग’ और ‘किलिंग इट’ जैसे लोकप्रिय जेन-जी शब्दों का शाब्दिक अर्थ निकालते हुए कहा कि जब कोई उन्हें ‘यू आर रॉकिंग’ कहता है तो वह सोचते हैं कि उन्होंने तो कोई पत्थर उठाया ही नहीं। इसी तरह ‘सर, यू आर किलिंग इट’ सुनकर उन्हें लगता है कि सामने वाला उनसे मौत की बात क्यों कर रहा है। 

अमिताभ बच्चन पहले भी जेन-जी की शब्दावली को लेकर अपनी हैरानी जाहिर कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने ‘बीवी पगलू’ जैसे नए शब्द का अर्थ भी जाना था। इसका मतलब समझने के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि पत्नी बॉस होती है और हर पति को यह बात माननी चाहिए। उनके मुताबिक ऐसा करने से वैवाहिक जीवन आसानी से चल सकता है। अमिताभ बच्चन का जेन-जी भाषा को लेकर यह मजाकिया अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन रहा है। जेन-जी की भाषा मुख्य रूप से इंटरनेट, सोशल मीडिया और लोकप्रिय संस्कृति से विकसित हुई है। 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवाओं के बीच इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अधिक देखने को मिलता है। इसमें लंबे वाक्यों की जगह छोटे शब्दों, संक्षिप्त अभिव्यक्तियों, मीम और विशेष बोलचाल के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। इस भाषा में शब्दों के सीधे अर्थ से ज्यादा भाव, व्यंग्य और संदर्भ महत्वपूर्ण होता है। अंग्रेजी और हिंदी के मिले-जुले शब्दों यानी हिंग्लिश का इस्तेमाल भी सोशल मीडिया के कारण तेजी से बढ़ा है। इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे मंचों ने इन शब्दों को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। 


Comments (0)

Leave a Comment