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छात्र किस ट्रॉमा से गुजरते हैं और झेलते हैं

मुंबई। 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया, तो दूसरी ओर ऋतिक रोशन और कुशा कपिला ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भी हटाना शुरू कर दिया है, जिस पर बवाल मच गया है। बता दें वांगचुक नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी वजह से वह 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, जिसके कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। देश के कोने-कोने से आम जनता से लेकर सेलेब्स उनके सपोर्ट में आगे आए। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऋतिक रोशन ने इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह छात्रों से आगे आकर अपनी आवाज उठाने के लिए कह रहे थे। साथ ही देश की जनता को छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर जागरुक कर रहे थे। इसी वीडियो पर ऋतिक ने छात्रों के दर्द को बयां किया, जो उन्होंने अपनी एक फिल्म में काम करते हुए महसूस किया था। ऋतिक ने लिखा- यह एकदम सच महसूस होता है। छात्र किस ट्रॉमा से गुजरते हैं और झेलते हैं, वो मैंने तब जाना, जब अपनी एक फिल्म में मैंने टीचर का रोल प्ले किया था। मालूम हो कि ऋतिक रोशन ने फिल्म सुपर 30 एक टीचर का रोल प्ले किया था। वहीं एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कुशा कपिला ने भी सोनम वांगचुक के अनशन और विरोध पर रिएक्ट किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा- सोनम वांगचुक का विरोध इस बात की याद दिलाता है कि हमारे छात्रों की चिंताओं को सुना जाना चाहिए। वो साफ तौर पर परेशान हैं, और एक शिक्षा सुधारक की जान दांव पर लगी है। हमारे छात्र एक ऐसी शिक्षा प्रणाली के हकदार हैं, जिस पर वह भरोसा कर सकें और एक एकेडमिक फ्यूचर चाहते हैं, जो उन्हें उम्मीद दे। इस देश के युवाओं की सामूहिक मानसिक सेहत से बढ़कर क्या हो सकता है?

बता दें शनिवार को दिल्ली पुलिस सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर जबरदस्ती अस्पताल ले गई। शनिवार को उनकी भूख हड़ताल का 21वां दिन है। अभी तक उनका 9.5 किलो वजन घट चुका है। वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक के लिए दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि वांगचुक का रोजाना चेकअप किया जाए और जरूरत पड़े तो तुरंत इलाज शुरू किया जाए। वांगचुक को ले जाने के बाद जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को भी हटाने लगी तो हंगामा मच गया।

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