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चुनावी सर्वे में ट्रम्प की राह दिख रही मुश्किल

वॉशिंगटन। अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनते दिख रहे हैं। महंगाई, ईरान के साथ युद्ध और राष्ट्रपति की घटती लोकप्रियता के बीच पार्टी को कांग्रेस में अपना बहुमत बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। उपलब्ध 10 प्रमुख जनमत सर्वेक्षणों में से नौ में रिपब्लिकन पार्टी पीछे बताई गई है। हालांकि, चुनाव से पहले के सर्वे अंतिम नतीजों की गारंटी नहीं होते।

मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, बल्कि अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनोंकृहाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की सीटों के लिए मतदान होता है। फिलहाल दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बहुमत हासिल है। यदि डेमोक्रेटिक पार्टी पर्याप्त सीटें जीत लेती है, तो वह एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर सकती है। इससे ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को लागू करना कठिन हो सकता है। 

लोकप्रियता में गिरावट, महंगाई बड़ी चिंता

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न मीडिया सर्वेक्षणों में ट्रम्प की कामकाज संबंधी स्वीकृति दर 30 से 36 प्रतिशत के बीच बताई गई है। एनबीसी न्यूज के सर्वे में 34 प्रतिशत, वॉशिंगटन पोस्ट-एबीसी न्यूज के सर्वे में 33 प्रतिशत और फॉक्स न्यूज के सर्वे में 36 प्रतिशत लोगों ने उनके कामकाज का समर्थन किया। प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत रहा।

महंगाई भी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी चिंता बन गई है। वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प ने कीमतें घटाने और लोगों का खर्च कम करने का वादा किया था। लेकिन खाद्य पदार्थों, आवास और ऊर्जा की लागत को लेकर असंतोष बना हुआ है। रॉयटर्स-इप्सोस सर्वे के मुताबिक, 78 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वस्तुओं की कीमतें उनकी कमाई से अधिक तेजी से बढ़ रही हैं। एक अन्य सर्वे के अनुसार, 65 प्रतिशत अमेरिकी महंगाई के लिए ट्रम्प की नीतियों को जिम्मेदार मानते हैं। ईरान के साथ युद्ध ने ट्रम्प प्रशासन की मुश्किलें बढ़ाई हैं। युद्ध के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ने से आम लोगों के खर्च में और वृद्धि की आशंका है। मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कड़े मुकाबले वाली 62 सीटों में से 41 सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रम्प की कुछ नीतियों से असहमति जता रहे हैं या उनसे दूरी बनाए हुए हैं। उम्मीदवारों के सामने चुनौती यह है कि ट्रम्प के साथ अधिक नजदीकी उन्हें उनकी घटती लोकप्रियता का नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि उनसे ज्यादा दूरी बनाने पर पार्टी के कट्टर समर्थक नाराज हो सकते हैं। यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो वे बजट, सरकारी खर्च और कानूनों से जुड़े ट्रम्प के प्रस्तावों को रोक सकते हैं। साथ ही, उनके प्रशासन के कामकाज की निगरानी और जांच भी बढ़ सकती है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के पास चुनाव प्रचार के लिए मजबूत संसाधन हैं और अंतिम परिणाम कई सीटों पर उम्मीदवारों के प्रदर्शन तथा मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा।

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