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गौतम अडानी इस सप्ताह अदालत में पेश करेंगे हलफनामा

नई दिल्ली। अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी इस सप्ताह अमेरिका की एक संघीय अदालत में हस्ताक्षरित हलफनामा दाखिल करेंगे। यह हलफनामा न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट के उस निर्देश के तहत दिया जा रहा है, जिसमें अदालत ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या अमेरिका में संभावित निवेश के बदले उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक आरोपों को वापस लेने संबंधी कोई गुप्त समझौता या वादा हुआ था। 

मामला तब नया मोड़ ले लिया जब अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने न्यूयॉर्क की अदालत को सूचित किया कि वह गौतम अडानी और सात अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज सिक्योरिटीज धोखाधड़ी के मामले को वापस लेना चाहता है। इसके बाद अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गराफिस ने कहा कि सरकार के इस कदम से पहली बार यह आशंका उत्पन्न हुई है कि कहीं पर्दे के पीछे कोई अघोषित समझौता तो नहीं हुआ। इसी कारण अदालत ने 15 जुलाई तक गौतम अडानी से शपथपत्र दाखिल करने को कहा। डीओजे के अधिकारी आर. ट्रेंट मैकॉटर ने अदालत में दायर 10 पृष्ठों के दस्तावेज में स्पष्ट किया कि आरोप वापस लेने का निर्णय पूरी तरह कानूनी आधार पर लिया गया है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि अडानी समूह के अमेरिका में निवेश की प्रतिबद्धता के बदले मुकदमा वापस लिया जा रहा है। न्याय विभाग के अनुसार यह मामला मूल रूप से भारत में हुई कथित गतिविधियों से संबंधित था, जिसे अमेरिकी कानून के तहत साबित करना कठिन था। विभाग ने यह भी कहा कि इस प्रकरण में किसी अमेरिकी निवेशक को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि जिन बॉन्ड और ऋणों को लेकर सवाल उठाए गए थे, उनका भुगतान हो चुका है या उनकी नियमित सर्विसिंग जारी है।

डीओजे ने यह भी तर्क दिया कि अभियोग में जिन बयानों को धोखाधड़ी का आधार बनाया गया था, वे सामान्य कॉर्पाेरेट दावे और प्रचारात्मक वक्तव्य थे, जिन पर अनुभवी संस्थागत निवेशक निर्भर नहीं होते। साथ ही, ट्रम्प प्रशासन के दौरान बदली अभियोजन प्राथमिकताओं के तहत अब केवल राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय अपराध और अमेरिकी हितों को प्रत्यक्ष नुकसान पहुंचाने वाले मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ अडानी समूह ने मामला न्यायालय में लंबित होने का हवाला देते हुए इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार गौतम अडानी निर्धारित समयसीमा के भीतर अदालत में अपना हलफनामा दाखिल करेंगे।

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