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हारी सीटों और जेन-जी पर रहेगा भाजपा का फोकस

नई दिल्ली। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बैठक में संगठन को मजबूत करने, पिछली बार हारी 23 विधानसभा सीटों पर विशेष अभियान चलाने और युवाओं, खासकर जेन-जी मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने की रणनीति तय की गई। पार्टी का लक्ष्य लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी.एल. संतोष तथा राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठन की सक्रियता, सरकार और संगठन के बेहतर समन्वय तथा जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथ से निकली 23 सीटों पर विशेष फोकस करने का निर्णय लिया गया।

इन सीटों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री, सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा, सांसद अनिल बलूनी को बदरीनाथ और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को पिरान कलियर सीट की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह प्रत्येक हारी हुई सीट के लिए अलग-अलग नेताओं को जवाबदेही सौंपी गई है, ताकि चुनाव से पहले वहां संगठन को मजबूत किया जा सके। भाजपा नेतृत्व ने युवाओं, विशेषकर जेन-जी मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पुराने कार्यकर्ताओं को भी दोबारा सक्रिय भूमिका में लाने की योजना बनाई गई है, ताकि बूथ स्तर तक संगठन की पकड़ मजबूत हो सके। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना चुनावी सफलता के लिए आवश्यक होगा। केंद्रीय नेतृत्व ने नेताओं को आपसी खेमेबाजी से बचने और सभी को साथ लेकर काम करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा गया कि सत्ता विरोधी माहौल की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जनता की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता से किया जाए और लोगों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए।

चुनाव में अब छह महीने से भी कम समय शेष रहने के कारण पार्टी ने बूथ स्तर पर अभियान तेज करने का निर्णय लिया है। नेताओं के अधिकाधिक प्रवास, लाभार्थी सम्मेलन, जनसंपर्क अभियान और सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई से पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की और आगामी महीनों में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति देने के निर्देश दिए। भाजपा का मानना है कि मजबूत संगठन, प्रभावी जनसंपर्क और युवा मतदाताओं तक पहुंच उसकी चुनावी रणनीति के प्रमुख आधार होंगे।

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