Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

होर्मुज पर प्रोजेक्ट फ्रीडम फिलहाल रुका

नई दिल्ली । ईरान जंग के बाद से ही होर्मुज ने हाहाकार मचा हुआ है। हर कोई होर्मुज बंद होने से परेशान है। भारत में एलपीजी सिलेंडर की दिक्कत नहीं है, मगर सप्लाई चेन में बाधा जरूर बनी हुई है। अब होर्मुज से ऐसी खबर आई है, जिससे भारत में एलपीजी सिलेंडर को लेकर चिंता बढ़ सकती है। जी हां, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का प्रोजेक्ट फ्रीडम फिलहाल रोक दिया गया है। इसका मतलब है कि अभी होर्मुज नहीं खुलेगा। दरअसल, अमेरिका कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप का प्रोजेक्ट फ्रीडम होर्मुज में फंसे हुए जहाजों को रास्ता दिखाता। अब क्योंकि प्रोजेक्ट फ्रीडम पर पॉज बटन दब गया है, तब इसतरह से होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों के निकलने का प्लान फिर अटका है। 

दरअसल, अमेरिका के वित्त मंत्री ने ट्रंप के प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लान को एक मानवीय प्रयास बताया। इसके तहत अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से फंसे हुए जहाजों को रास्ता दिखाने में मदद करेगा। इस प्रयास का मकसद दुनिया भर की जरूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना है। इसमें एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) भी शामिल है। उन्होंने कि भारत में रोजाना खाना पकाने की जरूरतों के लिए बहुत जरूरी है। बेसेंट ने दावा किया कि पिछले महीने वर्ल्ड बैंक की स्प्रिंग मीटिंग्स के दौरान कई देश उनके पास आए और अमेरिका से इस अहम जलमार्ग के जरिए कमर्शियल शिपिंग को फिर से शुरू करने की गुज़ारिश की। उन्होंने कहा, ‘यह एक मानवीय प्रयास है३ इसमें सिर्फ़ एनर्जी ही नहीं है, बल्कि इसमें खाद, खाने-पीने की चीज़ों की ढुलाई और एलपीजी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में एक अरब से ज़्यादा लोग खाना पकाने के लिए करते हैं। 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ फिलहाल रोक दिया गया है। मकसद यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की कोशिश तेज हो जाए। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में मिली सफलता और चल रही बातचीत को देखकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। इसका मतलब है कि अभी जो भारत में एलपीजी सिलेंडर को लेकर सप्लाई चेन है, वैसा ही आगे कुछ दिनों तक रहेगा। अभी पहले की तरह नॉर्मल होने में बहुत वक्त है। जब तक होर्मुज खुल नहीं जाता, तबतक लोगों को पहले की तरह एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई नहीं मिलेगी। खुद अमेरिका का मानना है कि होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की कमी हुई है। वैश्विक ऊर्जा बाजारों को लेकर जाहिर चिंताओं पर बात करते हुए अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने स्वीकार किया कि होर्मुज संकट के कारण हर दिन 10 मिलियन बैरल तक की कमी आई है। लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि आपूर्ति जल्द ही स्थिर होगी।


Comments (0)

Leave a Comment