Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

जैविक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी

किसान रासयनिक खेती छोड़े इसके लिए हरियाणा सरकार की योजना 

गुरुग्राम। आजकल बाजार में रासायनिक खादों और कीटनाशकों से तैयार उत्पादों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण लोग तेजी से जैविक यानी ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस बदलाव ने जैविक खेती के महत्व को काफी बढ़ाया है, लेकिन इसकी शुरुआत में आने वाली ऊंची लागत और सही जानकारी का अभाव अक्सर किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी मुश्किल को आसान बनाने और देश में जैविक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार महत्वपूर्ण योजना लेकर आई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर पूरी तरह से प्राकृतिक तरीकों से खेती करने के लिए प्रेरित करना है, जिसके लिए उन्हें बंपर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

विशेष रूप से हरियाणा सरकार ने जैविक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए शानदार पहल की है। इस खास सरकारी योजना के तहत, जैविक खेती की शुरुआत करने वाले किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से 10,000 की नकद सब्सिडी मिल रही है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के जैविक खाद, केंचुआ खाद और जैविक कीटनाशक जैसी जरूरी चीजें खरीद सकें। हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि इस आर्थिक मदद से किसान अपनी जमीन को बिना किसी डर के रसायन मुक्त बना सकें और एक स्वस्थ कृषि मॉडल की ओर बढ़ सकें। इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए किसानों के पास कम से कम एक एकड़ और अधिकतम पांच एकड़ तक की कृषि योग्य भूमि होनी जरूरी है। यह प्रावधान उन किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो बड़े पैमाने पर जैविक खेती की शुरुआत करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें सरकार की तरफ से एक मोटी रकम मदद के रूप में मिल सकेगी।

अगर आप भी योजना का लाभ उठाकर अपने खेतों को पूरी तरह ऑर्गेनिक बनाना चाहते हैं, तब इसकी आवेदन प्रक्रिया को बेहद आसान रखा गया है। इच्छुक किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय, जनसेवा केंद्र या योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय आपको कुछ जरूरी कागजात जैसे अपने खेत की खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पड़ेगी। फॉर्म सबमिट होने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी आपके खेत का वेरिफिकेशन करेंगे और सब कुछ सही पाए जाने पर सब्सिडी की राशि सीधे आपके खाते में भेज दी जाएगी। यह योजना किसानों की आमदनी बढ़ाने और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

Comments (0)

Leave a Comment