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जम्मू-कश्मीर में 7 साल में 16 हजार से अधिक महिलाएं लापता

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पिछले सात सालों में राज्य में 16,397 महिलाएं और लड़कियां लापता हुई हैं। यह चौंकाने वाला आंकड़ा 2019 से अगस्त 2026 तक की अवधि का है। इन लापता व्यक्तियों में से 12,126 का पता लगाया जा चुका है, जबकि 4,271 अभी भी गुमशुदा हैं। लापता हुई महिलाओं में 14,593 बालिग थीं, जिनमें से 3,255 का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं, 1,804 नाबालिग लड़कियों में से 1,016 का पता लगाना बाकी है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, लापता मामलों में से लगभग 26 प्रतिशत अभी भी अनसुलझे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में सबसे अधिक महिलाएं (2,595) लापता हुईं, जिनमें से 2,102 का पता नहीं चल पाया। इसी वर्ष 289 नाबालिग लड़कियां भी गायब हुईं, जिनमें से 166 का कोई सुराग नहीं मिला। अन्य वर्षों में, 2019 में 1,388, 2021 में 1,854 और 2022 में 1,398 महिलाएं लापता हुईं थीं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2024 के डेटा के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अपहरण या जबरन शादी के 1,202 मामले दर्ज किए गए थे। राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जिनमें छेड़छाड़, बलात्कार, घरेलू हिंसा और प्रताड़ना शामिल हैं। 2024 में महिलाओं के खिलाफ कुल 3,653 मामले दर्ज हुए, जिनमें पति या ससुराल वालों की क्रूरता के 524 और यौन उत्पीड़न के 231 मामले थे। हालांकि, 2023 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी, लेकिन लापता महिलाओं का बड़ा आंकड़ा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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