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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

देवेंद्र फडणवीस को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाने की अटकलें हुई तेज 

मुंबई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस्तीफे के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात होने की संभावना है। दरअसल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन चल रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी क्रम में 20 जुलाई को संसद की ओर एक विशाल मार्च भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। इस घटना के बाद देशभर में इस आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कॉकरोच जनता पार्टी के इस आंदोलन को देश के विभिन्न राज्यों से समर्थन मिला। बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पहुंचे, जिससे आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप ले लिया। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया।

उन्होंने लगातार 25 दिनों तक अनशन किया और 26वें दिन इसे समाप्त किया। हालांकि, अनशन खत्म करने के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया था। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा था कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को एक बार फिर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना रुख कायम रखा। बताया गया कि सरकार ने इस संबंध में शनिवार दोपहर तक का समय मांगा था, लेकिन उससे पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी इसे अपने आंदोलन की बड़ी सफलता के रूप में देख रही है। वहीं, इस्तीफे के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दिल्ली रवाना होना भी इसी घटनाक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं राजनीतिक हलकों में अब इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों में क्या फैसला लिया जाएगा। हालांकि, इन मुलाकातों के एजेंडे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन सूत्रों की मानें तो देवेंद्र फडणवीस को आलाकमान द्वारा तत्काल दिल्ली बुलाया जाना इस बात के संकेत हैं कि उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। 

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