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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की पॉपुलैरिटी का फायदा उठा रहे साइबर ठग

नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का बाजार गर्म बना हुआ है। साइबर ठग इसकी पॉपुलैरिटी का फायदा उठा रहे हैं। हाल ही में लुधियाना पुलिस ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर वीडियो जारी कर इस स्कैम के बारे में जानकारी दी है। ठग सीजेपी के नाम पर वॉट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी मैसेज भेजते हैं। इनमें पार्टी की सदस्यता लेने, सिस्टम बदलने की मुहिम से जुड़ने और युवाओं के लिए बड़े अवसर के दावे किए जाते हैं। मैसेज के साथ एक फिशिंग लिंक होता है। इस लिंक पर क्लिक करने से यूजर की पर्सनल डिटेल्स चोरी हो सकती है, मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है। इससे ठगी का रिस्क हो सकता है।

साइबर ठग सीजेपी के नाम पर फर्जी वॉट्सएप मैसेज और फिशिंग लिंक भेजते हैं। इनमें लोगों को सदस्यता लेने और बदलाव की मुहिम से जुड़ने का लालच दिया जाता है। ऐसे लिंक पर क्लिक करने और उसमें अपनी डिटेल भरने से साइबर ठगी का रिस्क हो सकता है। वे ऐसे मैसेज भेजते हैं, जो लोगों को किसी बड़े बदलाव या अभियान का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित करते हैं। वे ‘सिस्टम बदलने’, ‘देशहित में जुड़ने’, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने’ और ‘युवाओं के लिए बड़े अवसर’ जैसे मैसेज भेजते हैं। इससे लोगों में भरोसा पैदा हो जाता है। भावनात्मक अपील और तुरंत एक्शन के दबाव में लोग बिना जांच-पड़ताल किए लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इससे वे साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। इससे पर्सनल डिटेल्स, बैंकिंग डिटेल्स और मोबाइल सिक्योरिटी खतरे में पड़ सकती है। आमतौर पर लिंक पर क्लिक करने से पैसा नहीं कटता, लेकिन ठगी का रिस्क होता है। 

कई फिशिंग लिंक यूजर को ऐसी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहां ओटीपी, बैंक डिटेल्स, यूपीआई पिन या लॉगिन डिटेल्स मांगी जाती हैं। इसे भरने से ठगी हो सकती है। कुछ मामलों में लिंक के जरिए मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है। इससे आर्थिक नुकसान का जोखिम बढ़ जाता है। ठग मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बना रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों में रुचि रखते हैं।

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