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कुलदीप को लेकर बोले रहाणे

मुम्बई। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले भारतीय टीम के बल्लेबाज आजिंक्य रहाणे ने कहा है कि लय टूटने से खिलाड़ियों को वापसी के दौरान परेशानी होती हे। रहाणे ने ये बात युवा स्पिनर कुलदीप यादव को लेकर कही है। रहाणे के अनुसार कुलदीप को टीम में जिस प्रकार से अंदर-बाहर किया जा रहा है उससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। रहाणे ने कहा कि अंतिम ग्यारह में अगर किसी खिलाड़ी को बार-बार अंदर-बाहर किया जाता है तो लय खराब होने के साथ ही उसका मनोबल भी कम होता है। -रहाणे ने ये बात इसलिए कही है क्योंकि कुलदीप के श्रीलंका के बीच आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है और ये पूरी संभावना है कि वह उन्हें , भारतीय स्पिन चौकड़ी का हिस्सा बनाया जा सकता है। वहीं इससे पहले उन्हें इंग्लैंड दौरे में जगह नहीं मिली थी। 

रहाणे ने कहा, “मुझे लगता है कि कुलदीप ने पिछले चार-पांच सालों में अपने खेल में काफी सुधार किया है। उन्होंने अपनी गेंदों की गति और विविधता पर काम किया है। अंतिम ग्यारह में बार-बार अंदर-बाहर होने वाले किसी भी खिलाड़ी के लिए यह हालांकि कठिन होता है, क्योंकि क्रिकेट लय का खेल है, चाहे आप बल्लेबाजी कर रहे हों या गेंदबाजी।” रहाणे ने कुलदीप की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें एक बेहतरीन स्पिनर और मैच विजेता खिलाड़ी करार दिया। गौरतलब है कि कुलदीप ने साल 2017 में धर्मशाला में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था। रहाणे ने उसी डेब्यू मैच को याद करते हुए कहा, “कुलदीप एक बेहतरीन स्पिनर हैं। इसीलिए मैंने धर्मशाला में उन पर भरोसा जताया था। मुझे पता था कि वो विकेट लेने में माहिर हैं। हालांकि उस समय वो अनुभवी नहीं थे, लेकिन मुझे विश्वास था कि उन्हें उस स्थिति में उतारना फायदेमंद होगा।” गौरतलब है कि अपने लगभग नौ साल के करियर में, कुलदीप केवल 18 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं, जिनमें उनके नाम 79 विकेट हैं। भारतीय टीम में उनका चयन अनियमित रहा है, जिससे उन्हें लगातार मौके नहीं मिल पाए हैं, और यही उनके करियर में उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह रही है।

रहाणे ने कहा कि खिलाड़ियों को लगातार समर्थन देना बेहद जरुरी है, खासकर वे जो मैच जिताने की क्षमता रखते हों। उन्होंने आगे कहा, “एक टेस्ट खेलने के बाद अगले चार-पांच टेस्ट में बेंच पर बैठना आसान नहीं होता। लय बहुत जरूरी है, खासकर गेंदबाजों के लिए।” रहाणे ने कुलदीप के प्रदर्शन में सुधार और उनकी बढ़ी हुई आत्मविश्वास पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हर दिन गेंद आपके हाथ से एक ही तरह से नहीं निकलती। लगातार खेलने से धीरे-धीरे लय आ जाती है और आप लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। कुलदीप के सुधार से मैं बहुत खुश हूं। जब भी उन्हें सफेद गेंद के क्रिकेट में मौका मिला, उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।” 


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