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नासिक का उदमल बनेगा महाराष्ट्र का पहला डार्क स्काई गांव

नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले का सुदूर आदिवासी गांव उदमल अब अनूठी पहचान बनाने जा रहा है। यह गांव राज्य का पहला डार्क स्काई कम्युनिटी बनने की ओर बढ़ रहा है, जिसके लिए जिला प्रशासन ने 42.14 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य रात के साफ आसमान को प्रकाश प्रदूषण से बचाना और खगोल विज्ञान प्रेमियों व पर्यटकों के लिए एक विशेष केंद्र के रूप में तैयार करना है।

इस यात्रा की शुरुआत 22 वर्षीय छात्र विपुल खिराड़ी ने की। तारों को निहारने के उनके जुनून ने धीरे-धीरे एक इसतरह के आंदोलन का रूप ले लिया, इस जनून ने ग्रामीणों को अपनी ओर खींचा। शुरुआत में कई लोगों को उनके विचार पर संदेह था, लेकिन विपुल खिराड़ी ने उन्हें समझाया कि एक अंधेरा और साफ आसमान न केवल गांव को वैश्विक मानचित्र पर ला सकता है, बल्कि लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर भी पैदा कर सकता है। उनके लगातार प्रयासों से ग्रामीणों की झिझक धीरे-धीरे उत्साह में बदल गई और इस परियोजना की नींव पड़ी। खिराड़ी के अथक प्रयासों और ग्रामीणों के उत्साह को देखकर अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह से परियोजना का समर्थन कर रहा है। जिलाधिकारी एवं जिला योजना समिति के सदस्य सचिव आयुष प्रसाद ने जनजातीय उप-योजना 2026-27 के तहत इस महत्वपूर्ण राशि को हरी झंडी दी है।

अधिकारियों ने बताया कि यह फंड रात के आसमान की गुणवत्ता का आकलन करने, प्रकाश प्रदूषण कम करने वाली विशेष लाइटिंग प्रणाली स्थापित करने, जागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय युवाओं को खगोल विज्ञान से संबंधित प्रशिक्षण देने में उपयोग किया जाएगा। उदमल अब अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन डार्कस्काई इंटरनेशनल से डार्क स्काई कम्युनिटी के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने की दिशा में बढ़ रहा है। यह उपलब्धि गांव के प्राकृतिक रूप से अंधेरे आसमान को खगोल-पर्यटन और वैज्ञानिक अध्ययन का प्रतीक बनाएगी, जिससे छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।


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