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नीट छात्रा की मौत पर बिहार में संग्राम

पटना। जहानाबाद की नीट छात्रा की संदेहास्पद मौत के मामले ने बिहार की सियासत में उबाल ला दिया है। पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रही छात्रा की मौत के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग का स्तर इतना गिर गया है कि नेता एक-दूसरे की तुलना जानवरों से करने लगे हैं। इस पूरे विवाद के केंद्र में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं, जिनके बयानों ने राज्य के राजनीतिक गलियारे में एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।

दरअसल, पटना पुलिस शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट दिया। रिपोर्ट में छात्रा के साथ दरिंदगी और सेक्सुअल असॉल्ट की आशंका जताई गई है, क्योंकि इनर वियर पर मानवीय सीमेन के अंश मिले हैं। इस खुलासे के बाद नीतीश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की अनुशंसा की और 12 फरवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस कांड की कमान संभाल ली। इसी बीच, इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक केस में जेल जाना पड़ा, जहां से सात दिन बाद बाहर आने पर उन्होंने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए।

शुक्रवार को बिहार विधानसभा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पप्पू यादव पर हमला बोलते हुए हाथी शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पप्पू यादव अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं और दावा करते हैं कि बिहार पुलिस चींटी भी नहीं मार पाती, लेकिन जैसे ही वह एक पुराने केस में गिरफ्तार हुए, तो खुद को बीमार बताने लगे। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार इतना बदल गया है कि अब प्रदेश की पुलिस के डर से हाथी भी बीमार होकर अस्पताल जाना पसंद करता है।

सम्राट चौधरी के इस बयान पर पप्पू यादव ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की और सोशल मीडिया पर एक विवादित ट्वीट कर इशारों-इशारों में उपमुख्यमंत्री की तुलना बंदर से कर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि जो पहले नाबालिग था, वह अब बंदर बन गया है और अफसोस की बात है कि बिहार इस बंदर के हाथ में है। पप्पू यादव ने आगे कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि स्वाभिमान की पगड़ी उतारकर कमीशन बटोरने के लिए उसे अब गमछा बना लिया गया है। नेताओं के बीच मर्यादा की सीमा लांघती इस बहस ने छात्रा को न्याय दिलाने के मूल मुद्दे को सियासी खींचतान की भेंट चढ़ा दिया है। फिलहाल, पटना से जहानाबाद तक सीबीआई की टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि राजनीतिक खेमों में बयानों का दौर और तेज होने के आसार हैं।

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