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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मध्य-पूर्व की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने की मांग की है, लेकिन वॉशिंगटन ने उसे दो टूक शब्दों में बता दिया है कि युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर से बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच पूर्ण टकराव का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। ट्रंप ने अपने संदेश में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। हमने इसके लिए सहमति दी है, लेकिन हमने उन्हें बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में बता दिया है कि युद्धविराम खत्म हो चुका है।” यह बयान दोनों देशों के बीच संबंधों में आई नई कड़वाहट को उजागर करता है।
ट्रंप का यह बयान तब आया जब अमेरिका ने ईरान में दर्जनों सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में, तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों और सहयोगियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले किए। जॉर्डन ने भी इस बात की पुष्टि की कि देश के कुछ हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजने के बाद उसने ईरान की आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोका। अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि ईरान की दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन्स को या तो हवा में ही रोक दिया गया या फिर उनसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ; साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें किसी अमेरिकी नागरिक की जान नहीं गई। फिर से शुरू हुई इस लड़ाई ने इस चिंता को बढ़ा दिया है कि संघर्ष एक बार फिर पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है, जबकि इस साल की शुरुआत में ही दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था और उसके बाद वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत भी शुरू हुई थी। यह स्थिति मध्य-पूर्व में अस्थिरता को और बढ़ा सकती है। ट्रंप का यह बयान ऐसे महत्वपूर्ण समय पर भी आया है, जब ईरान ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में दफनाया है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में उनकी मौत के चार महीने से ज़्यादा समय बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने बताया कि ईरान और इराक में छह दिनों तक चले व्यापक अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के बाद खामेनेई के शव को इमाम रज़ा दरगाह में दफनाया गया। उनके बेटे और उत्तराधिकारी, मोजतबा खामेनेई, दफन के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए, जिससे सुप्रीम लीडर के तौर पर उनके संभावित उत्तराधिकार को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। इस बीच, ट्रंप की चेतावनी से स्पष्ट है कि अमेरिका अब ईरान के प्रति अपनी नीति में और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीति के लिए गहरे निहितार्थ रखता है।
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