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आत्मनिर्भर नारी सम्मेलन

नई दिल्ली। आजादी के दशकों बाद यह वह ऐतिहासिक क्षण है, जब देश ने नारी शक्ति को केवल सम्मान देने की बात नहीं की, बल्कि उसे निर्णय और नेतृत्व के केंद्र में स्थान देने का संकल्प लिया है। यह अधिनियम महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि नीति निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण तक निर्णायक भूमिका देता है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की करोड़ों माताओं और बहनों के सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास का सशक्त उद्घोष है। यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि “नारी तू नारायणी” के भाव को साकार करने का राष्ट्रीय संकल्प है। इस अवसर पर सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी जी, विधायक श्री करतार सिंह तंवर जी, जिलाध्यक्ष श्री रविंद्र सोलंकी जी, एकल हरि संस्था की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती मधु गुप्ता जी, फोर्टिस वसंत कुंज की निदेशक डॉ. प्रियंका खरबंदा जी, प्रसिद्ध लेखिका सुरभि जी सहित सम्मानित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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