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अब बिना इंटरनेट भी करें पेमेंट

 नई दिल्ली । भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, जहां यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) एक नई क्रांतिकारी क्षमता के साथ ऑफलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान करेगा। यह सुविधा उन ग्राहकों और व्यापारियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जिनके पास लेनदेन के समय इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं होगा। घटनाक्रम से अवगत कम से कम तीन लोगों ने इसकी जानकारी दी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा विकसित की जा रही इस तकनीक से उपयोगकर्ता हवाई जहाजों, भूमिगत मेट्रो और दूरदराज के क्षेत्रों में भी नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) का उपयोग करके पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) टर्मिनलों पर टैप एंड पे कर सकेंगे। यह नई क्षमता विशेष रूप से तब काम आएगी जब ग्राहक के उपकरण या व्यापारी के पीओएस टर्मिनल पर इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध न हो। इससे हवाई जहाज के भीतर या भूमिगत मेट्रो स्टेशनों जैसी जगहों पर भुगतान करना बेहद आसान हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार एनपीसीआई इस वर्ष देश के प्रमुख व्यापारी टर्मिनल विनिर्माताओं के पीओएस उपकरणों को प्रमाणित करने की तैयारी में है ताकि ऑफलाइन यूपीआई भुगतान को व्यापक रूप से उपयोग में लाया जा सके। उपयोगकर्ता एनएफसी तकनीक का लाभ उठाते हुए, ऑफलाइन व्यापारी टर्मिनलों पर अपने डिवाइस को टैप करके भुगतान कर सकेंगे। इन लेनदेन की सीमा 2,000 रुपए तक होगी। यह अनुभव बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा उपयोगकर्ता वर्तमान में कार्ड-टैप के माध्यम से उड़ानों या अन्य ऑफलाइन सेटिंग्स में करते हैं। यह पहला मौका नहीं है जब एनपीसीआई एनएफसी तकनीक का उपयोग कर रहा है। वर्ष 2023 में एनपीसीआई ने यूपीआई लाइट एक्स पेश किया था, जो दो एनएफसी-सक्षम स्मार्टफोन के बीच ऑफलाइन लेनदेन की सुविधा देता था। अब जो क्षमता विकसित की जा रही है, वह इस सुविधा को पीओएस मशीनों तक विस्तारित करती है, जिससे व्यापारी पहली बार ऑफलाइन भुगतान स्वीकार कर सकेंगे। इस कदम से वास्तविक समय भुगतान प्रणाली और कार्ड नेटवर्क के बीच बचे हुए अंतिम अंतरालों में से एक को कम करने की उम्मीद है। एक फिनटेक कंपनी के जानकार व्यक्ति ने बताया, पीओएस कंपनियों को ऑफलाइन सेटिंग में यूपीआई स्वीकार करने के लिए एनपीसीआई से प्रमाणन लेना होगा। प्रमाणन मिलने के बाद वे इसके ऊपर एक ऐप्लिकेशन बना सकते हैं। 

एनएफसी आधारित यूपीआई ऐपरू एक अन्य व्यक्ति ने समझाया कि यह यूपीआई ऐप्स के लिए एनएफसी-आधारित उपयोग का मामला है। आप ऐप का उपयोग करके टैप करेंगे। भले ही टर्मिनल ऑफलाइन हो, आप 2,000 रुपए तक भुगतान कर सकते हैं। यह प्राधिकरण को कैप्चर करेगा और नेटवर्क बहाल होने पर बाद में सत्यापन के लिए भेजेगा। बैंकों और यूपीआई थर्ड-पार्टी भुगतान प्रदाताओं में भी इस सुविधा को अपनी ऐप्स में सक्षम करने का काम चल रहा है। ग्राहक अपने उपकरण पर मौजूद यूपीआई लाइट वॉलेट खाते में पैसे रख सकेंगे ताकि वे ऐसे वातावरण में लेनदेन कर सकें जहां उनका उपकरण और स्वीकृति उपकरण दोनों ऑफलाइन हों। इस संबंध में जानकारी के लिए एनपीसीआई को ईमेल किया गया था, मगर खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला।

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