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भारत रूस से खरीद रहा रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल

नई दिल्ली। अमेरिका की धमकियों को दरकिनार करते हुए भारत रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। अमेरिकी सीनेट ने एक बिल आगे बढ़ाया है जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लाने का प्रस्ताव है। इस बिल पर सीनेटरों ने 86-12 के वोट से विचार-विमर्श शुरू करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने जुलाई में रूस से 2.78 मिलियन बैरल कच्चा तेल रोज खरीदा। यह यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से खरीदे गए तेल की सबसे ज्यादा मात्रा है। इस समय भारत जितना भी कच्चा तेल खरीद रहा है, उसमें से आधा से ज्यादा सिर्फ रूस से आ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट में ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून की तुलना में जुलाई में भारत का रूसी तेल आयात 1.5फीसदी बढ़ा, जबकि इस दौरान देश का कुल क्रूड ऑयल आयात 4.96 मिलियन बीपीडी रहा। रूसी तेल की ओर भारत के इस झुकाव की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में तनाव है। होर्मुज और लाल सागर संकट की वजह से पश्चिम एशिया से तेल सप्लाई में रुकावटें आ रही हैं। ऐसे में रूस भारत के लिए सबसे भरोसेमंद और स्थिर साझेदार बनकर उभरा है। भारत ने डाइवर्सिफाइड ऑयल स्ट्रेटेजी अपनाई है। इसी का नतीजा है कि दुनिया भर में उथल-पुथल के बावजूद भारत की रिफाइनरियों को लगातार तेल मिल रहा है और देश में ईंधन की किल्लत नहीं होने पाई है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी भारत के बड़े सप्लायर बने हुए हैं। जुलाई में यूएई से 4.73 लाख बीपीडी और सऊदी अरब से 4.39 लाख बीपीडी तेल भारत पहुंचा। इसके अलावा ब्राजील, वेनेजुएला, ओमान और अमेरिका से भी भारत ने तेल खरीदा।

भारत का ऊर्जा संकट फिलहाल कम हो गया है, लेकिन समुद्री रास्तों खासकर बाब-अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव की वजह से खतरा पूरी तरह दूर नहीं हुआ है। मैरिन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक इन संवेदनशील इलाकों से गुजरने वाले जहाजों पर खतरा मंडरा रहा है। अगर लाल सागर का रास्ता ज्यादा समय तक बाधित रहता है, तो तेल टैंकरों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के लंबे रास्ते से आना पड़ेगा। रास्ता लंबा होने का सीधा मतलब है कि जहाजों का किराया, ईंधन की खपत और वॉर रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम और ज्यादा हो जाएगा। इंश्योरेंस प्रीमियम जो आमतौर पर 0.2-0.5फीसदी होता है, बढ़कर 3-5फीसदी तक पहुंच सकता है। अगर मिडिल ईस्ट का यह संकट तीन महीने तक खिंचता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 114 प्रति बैरल डॉलकर तक उछल सकता है।

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