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दोस्तों ने हाथ खींचे

वॉशिंगटन। ईरान को लेकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई को और अधिक न बढ़ाने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई से बचने की आवश्यकता जताई। रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित बड़े हमले की योजना फिलहाल टाल दी। हालांकि, इस संबंध में व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

जानकारी के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत कर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान की व्यापकता को लेकर जानकारी ली थी। इसके अलावा उन्होंने अपने भाई और सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान को वॉशिंगटन भेजा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और मौजूदा हालात पर चर्चा की। इसी बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा जोखिम को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यरुशलम और पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अमेरिकी नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। प्रशासन ने क्षेत्र में हालात तेजी से बदलने की आशंका भी जताई है।

पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, समुद्री गतिविधियों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने आरोप लगाया कि ईरान ने अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम संबंधी समझौते का उल्लंघन किया है। उनके अनुसार, समझौते के बाद भी ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यदि ईरान सार्थक वार्ता के लिए आगे नहीं आता, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। उधर, कुवैत की सेना ने भी देश पर ड्रोन हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा बल इन हमलों का जवाब दे रहे हैं। सेना का मानना है कि इन घटनाओं का संबंध क्षेत्र में जारी तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों से हो सकता है। हालांकि, इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी को लेकर अभी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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