Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

शिल्पा शेट्टी ने दी मनगढ़ंत बातों पर भरोसा न करने की सलाह

मुंबई । हाल ही में सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के नाम से एक बयान जारी कर आरक्षण नीति को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। अभिनेत्री ने इस बयान को पूरी तरह से फर्जी और निराधार बताया है। इंस्टाग्राम स्टोरीज के माध्यम से अपनी चुप्पी तोड़ते हुए शिल्पा शेटटी ने कहा कि यह खबर दुर्भावनापूर्ण और झूठी है और उन्होंने अपने प्रशंसकों को ऐसी मनगढ़ंत बातों पर भरोसा न करने की सलाह दी। मालूम हो कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब जुलाई के अंतिम सप्ताह में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक आंदोलन की समाप्ति के बाद रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन (आरएचए) नामक एक नया डिजिटल अभियान सोशल मीडिया पर ज़ोर पकड़ने लगा। इसी दौरान, शिल्पा शेट्टी के नाम से एक बयान वायरल होना शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर उन्हें जाति-आधारित आरक्षण नीति के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए दर्शाया गया था।

 इस वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया था कि अभिनेत्री ने जाति के आधार पर अलग मेडिकल ट्रीटमेंट की वकालत की थी। सोशल मीडिया पर फैलाई गई उस झूठी पोस्ट में शिल्पा शेट्टी के हवाले से लिखा गया था, आरक्षण को मत छेड़िए। सामान्य वर्ग के डॉक्टरों को केवल सामान्य वर्ग के मरीजों का इलाज करने दें और बाकी सभी वर्गों के डॉक्टरों को केवल अपनी-अपनी जाति के मरीजों का इलाज करने दें। ऐसा कुछ सालों तक करके देखिए, फिर लोग खुद जाति आधारित आरक्षण खत्म करने की मांग करने लगेंगे। आरक्षण से कौशल हासिल नहीं किया जा सकता। यह बयान इतना संवेदनशील और विभाजनकारी था कि इसने तुरंत लोगों का ध्यान खींचा और एक बड़े विवाद को जन्म दिया। अपने आधिकारिक नोट में शिल्पा ने साफ तौर पर लिखा, मेरे नाम से जोड़कर आरक्षण को लेकर फैलाए जा रहे झूठे बयानों को देखकर मैं हैरान हूं। यह पूरी तरह से फर्जी, दुर्भावनापूर्ण और झूठी खबर है। इस नकली खबर पर भरोसा न करें। 

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब सेलेब्रिटीज को अक्सर सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के वायरल होने वाली खबरों का सामना करना पड़ता है। अभिनेत्री के इस नकली बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने उनके कथित बयान को समर्थन दिया, जबकि कुछ ने उन्हें जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने के लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया था। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन की बात करें तो यह एक नया डिजिटल और सोशल मीडिया आधारित अभियान है, जो मुख्य रूप से इंस्टाग्राम पर युवाओं द्वारा चलाया जा रहा एक नागरिक अभियान है। यह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आरक्षण नीतियों पर बहस छेड़ना है। 

Comments (0)

Leave a Comment