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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की उखड़ रही तारकोल की परत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क के दावों के साथ शुरू किए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़क पर कई स्थानों से तारकोल उखड़ने का सिलसिला जारी है, वहीं शुक्रवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के बाद शिवपुरा टोल प्लाजा के रैम्प का एक हिस्सा भी ढह गया, जिससे एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

खासकर कानपुर से लखनऊ वाली लेन में किलोमीटर 48 से 49 और किलोमीटर 46.9 से 47 तक सड़क पर नए सिरे से तारकोल का लेपन किया गया है। कई स्थानों पर तारकोल अभी भी हल्का सा दबा हुआ है, जिससे संभावना है कि यहां भी जल्द ही नए सिरे से काम करना पड़ेगा। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के 42 किमी वाले ग्रीनफील्ड हिस्से में लोकार्पण के बाद से ही खामियां सामने आ रही हैं। हालांकि 26 जुलाई को किलोमीटर 64 पर सड़क धंसने का पहला मामला आया था और अब ऐसी घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन तीन लेन वाले हिस्से की तीसरी लेन में तारकोल उखड़ने की समस्या लगातार बनी हुई है। किलोमीटर 46.9 से 47 और किलोमीटर 48 से 49 पर तारकोल उखड़ने की पेट्रोलिंग टीम को जानकारी मिलते ही यहां पर तुरंत नए सिरे से लेपन कार्य कराया गया। हालिया घटनाक्रम में, लखनऊ क्षेत्र के शिवपुरा (खंडदेव) स्थित टोल प्लाजा के रैम्प का तकरीबन चार से पांच फीट हिस्सा शुक्रवार शाम हुई मूसलाधार बारिश को झेल नहीं पाया और ढह गया। यह रैंप लखनऊ से कानपुर की तरफ जाने पर एक्सप्रेसवे की शुरुआत में ही बना है। गनीमत रही कि इस घटना से यातायात बाधित नहीं हुआ, लेकिन इसने निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। इसके अलावा, जल निकासी के लिए नालियों को चौड़ा करने का काम भी अधिकांश स्थानों पर पूरा कर लिया गया है ताकि जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।

इन समस्याओं से निपटने के लिए निर्माणदायी संस्था ने त्वरित मरम्मत की तैयारी कर रखी है। कानपुर-लखनऊ लेन पर कई स्थानों पर तारकोल-मिक्स गिट्टी के ढेर, रोलर और बुलडोजर तैनात किए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान कहीं भी तारकोल उखड़ने पर तुरंत पेचवर्क किया जा सके। कर्मचारियों के अनुसार, यह व्यवस्था भविष्य में संभावित क्षति को तुरंत ठीक करने के उद्देश्य से की गई है। बारिश के कारण क्रैश बैरियर के पास धंसी मिट्टी में दोबारा भराव कर दिया गया है और पानी से मिट्टी फिर न बहे, इसके लिए एक हिस्से को सीमेंट से पक्का भी किया गया है। किलोमीटर 58.5 पर भी उखड़े तारकोल को सही कर दिया गया है। संबंधित विभाग का कहना है कि प्रभावित हिस्सों को ठीक कर दिया गया है और पूरे एक्सप्रेसवे पर लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी समस्या को तुरंत दूर किया जा सके।

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